लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के यूरोलॉजी विभाग में डॉक्टरों और निजी पैथोलॉजी केंद्रों के एजेंटों का एक बड़ा सिंडिकेट सामने आया है। अस्पताल में सभी आधुनिक संसाधन और जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों के सैंपल जांच के लिए जबरन बाहर निजी लैब में भेजे जा रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि निजी लैब के एजेंट वार्डों में खुलेआम घूमकर रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग अफसरों और टेक्नीशियनों की मौजूदगी में नमूने एकत्र कर रहे हैं।
भर्ती मरीजों और तीमारदारों का आरोप है कि ये एजेंट सीधे बेड तक पहुंचकर सैंपल लेते हैं और रिपोर्ट भी वहीं पहुंचाते हैं। डॉक्टर इन बाहरी रिपोर्टों के आधार पर ही आगे की दवाएं लिख रहे हैं। सीबीसी जैसी सामान्य जांच के लिए मरीजों से बाहर 350 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जबकि संस्थान में खून की ऐसी जांच निशुल्क या बेहद कम शुल्क पर होती है। जो मरीज बाहर से जांच कराने में असमर्थता जताते हैं, उन्हें इलाज में प्रताड़ित किया जा रहा है।
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह का कहना है कि विभाग में निजी लैब का सिंडिकेट सक्रिय होने की बात सामने आई है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।