लखनऊ। केजीएमयू में कानपुर आईआईटी के दो स्नातक छात्रों द्वारा तैयार किए गए वेंटिलेटर का परीक्षण किया जाएगा। यदि यह मरीजों को राहत देने में कारगर साबित होते हैं तो इनका विभिन्न अस्पतालों में उपयोग किया जा सकेगा। आईआईटी के छात्रों ने इस पोर्टेबल वेंटिलेटर को करीब 70 हजार रुपये में तैयार किया है। सोमवार को इन वेंटिलेटर का केजीएमयू में प्रदर्शन किया गया। अभी तक सामान वेंटिलेटर करीब चार लाख में खरीदे जाते हैं। केजीएमयू में सोमवार को पोर्टेबल वेंटिलेटर का प्रदर्शन करते हुए आईआईटी के डॉ. अमिताभ ने बताया कि स्नातक छात्र निखिल कुरुले और हर्षित राठौड़ ने पोर्टेबल वेंटिलेटर प्रोटोटाइप विकसित किया है। एक माह में करीब 1000 पोर्टेबल वेंटिलेटर तैयार करने का अनुबंध हुआ है। इसके लिए दो कंपनियों से करार हो चुका है। केजीएमयू के कुलपति प्रो. एमएल बी भट्ट ने टीम के साथ वेंटिलेटर की खूबियों को परखा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में गंभीर मरीजों के लिए ये वेंटिलेटर कारगर साबित होंगे। केजीएमयू में इन वेंटिलेटरों का परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान देखा जाएगा कि ये मरीजों को किस हद तक राहत देने में कामयाब रहते हैं। इनकी गुणवत्ता के आधार पर केजीएमयू की टीम अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद जरूरत के हिसाब से अन्य अस्पतालों में इनका उपयोग किया जा सकेगा। इस दौरान प्रति कुलपति प्रो. जी पी सिंह, डीन रिसर्च प्रो. आरके गर्ग, डॉ. अविनाश अग्रवाल, डॉ. ऋषि शेट्टी आदि मौजूद रहे।