माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यांकन परिषद (नैक) से मिली ग्रेड में सुधार के लिए पुर्नमूल्यांकन के लिए आवेदन किया है। वर्ष 2023 में हुई ग्रेडिंग में केजीएमयू को नैक ए प्लस ग्रेड मिला था।
लखनऊ विश्वविद्यालय और गोरखपुर विवि को ए प्लस प्लस ग्रेड मिलने के बाद केजीएमयू को भी यही ग्रेड मिलने की उम्मीद थी। इस लिहाज से केजीएमयू के लिए थोड़ी मायूसी वाली स्थिति रही थी, लेकिन उस समय केजीएमयू ने पुर्नमूल्यांकन के लिए आवेदन नहीं किया था। केजीएमयू की माैजूदा कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने अब पुर्नमूल्यांकन के लिए आवेदन किया है। उनके मुताबिक केजीएमयू नैक ए प्लस ग्रेड से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। इसलिए पुर्नमूल्यांकन के लिए आवेदन किया गया है।
एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल है केजीएमयू
केजीएमयू एशिया में सबसे ज्यादा 4,500 बेड की क्षमता वाला संस्थान है। इस संस्थान में 149 छोटे-बड़े भवन हैं। यहां 77 विभागों का संचालन हो रहा है। 550 शिक्षक, 800 रेजिडेंट डॉक्टर और लगभग 10 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान देश में सबसे ज्यादा मरीजों का इलाज और सबसे ज्यादा बेड क्षमता होने का रिकॉर्ड भी केजीएमयू ने बनाया था। महामारी के दौरान सबसे ज्यादा टेस्ट करने का कीर्तिमान भी संस्थान के नाम है। टेलीमेडिसिन में अच्छे प्रदर्शन के लिए केजीएमयू की डॉक्टर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हाथों से सम्मानित किया था।
स्टूडेंट एक्टिविटी और शोध में मिले थे कम नंबर
केजीएमयू को नैक की ग्रेडिंग में स्टूडेंट एक्टिविटी और शोध के लिए कम नंबर मिले थे। उस समय यह भी कहा गया था केजीएमयू अपने सभी शोध नहीं बता सका था। अब इनको व्यवस्थित करके आवेदन किया जा रहा है।