लखनऊ। केजीएमयू के हॉस्टलों में गैस सिलिंडर की किल्लत के कारण व्यवस्था चरमरा गई है। रविवार को स्थिति इतनी खराब हो गई कि सुबह 11 बजे तक सिलिंडर न मिलने पर मेस कर्मचारियों को कोयले की अंगीठी और इंडक्शन चूल्हों पर खाना पकाने को मजबूर होना पड़ा।
केजीएमयू के करीब 20 हॉस्टलों में रहने वाले 10 हजार से अधिक मेडिकल छात्र-छात्राएं इस संकट से जूझ रहे हैं। एक हफ्ते से गैस संकट के कारण अधिकांश मेस में सुबह का नाश्ता बंद कर दिया गया है। छात्रों का कहना है कि पढ़ाई के व्यस्त शेड्यूल के बीच भोजन की अनिश्चितता के कारण उन्हें बाहर से खाना मंगाना पड़ रहा है।
दिन भर रही परेशानी, रात में मिले 8 सिलिंडर
शनिवार को जिला प्रशासन ने हर दिन 15 सिलिंडर की आपूर्ति का दावा किया था, लेकिन रविवार को पूरे दिन कर्मचारी सिलिंडर का इंतजार करते रहे गए। सुबह कर्मचारियों ने अफसरों को फोन भी मिलाया, पर कोई समाधान नहीं निकला। वहीं, केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि सिलिंडर न मिलने से दोपहर तक परेशानी रही। रात में आठ सिलिंडर मिल गए। सोमवार से 15 सिलिंडरों की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
गैस संकट।
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