लखनऊ। केजीएमयू की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को अब और बेहतर इलाज मिल सकेगा। इसके लिए यहां इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है। इसी के साथ डॉक्टरों की कमी पूरा करने के लिए इमजरेंसी मेडिसिन में एमडी पाठ्यक्रम भी शुरू किया जाएगा।
केजीएमयू का ट्रॉमा सेंटर मरीजों के इलाज का सबसे बड़ा केंद्र है। पूरे प्रदेश के लोग यहां इलाज के लिए आते हैं। इसे देखते हुए इमरजेंसी मेडिसिन विभाग ने बेड की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में इस समय छह बेड का आईसीयू संचालित हो रहा है। विभाग के अध्यक्ष डॉ. हैदर अब्बास ने बताया कि आईसीयू बेड की संख्या अब 10 की जाएगी। इससे गंभीर मरीजों को जल्द इलाज मिल सकेगा। इमरजेंसी मेडिसिन में डॉक्टर की कमी को देखते हुए विभाग में एमडी मेडिसिन पाठ्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है।
इस समय फुल हैं ट्रॉमा सेंटर के सभी बेड
ट्रॉमा सेंटर में इस समय करीब चार सौ बेड हैं। ओपीडी सुविधा बंद होने से ट्रॉमा सेंटर पर बहुत ज्यादा दबाव है। सीएमएस डॉ. संदीप तिवारी के अनुसार मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मरीजों का दबाव बहुत है। ट्रॉमा सेंटर के ज्यादातर बेड भरे हैं। आईसीयू बेड की भी यही हालत है। हालांकि, मरीजों के लिए पर्याप्त स्ट्रेचर और व्हील चेयर हैं। इस समय की व्यवस्था के अनुसार मरीज को ट्रॉयज एरिया में भर्ती किया जाता है। कोरोना की जांच रिपोर्ट पांच से छह घंटे में आ जाती है। इस दौरान भी मरीजों को जरूरी इलाज दिया जाता है। प्रयास यही है कि मरीजों को बेहतर इलाज मिलता रहे।