लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में चिकित्सा अधीक्षक के पद पर अब नियमित नियुक्ति होगी। अभी तक डॉक्टर को ही चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी दी जाती है। इससे मरीजों का इलाज प्रभावित होता है।
विश्वविद्यालय में चिकित्सा अधीक्षक का पद अभी तक डॉक्टर ही संभालते हैं। उन्हें नियमित मरीजों का इलाज भी करना होता है। चिकित्सा अधीक्षक ही नहीं, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, परीक्षा नियंत्रक और डिप्टी रजिस्ट्रार जैसे पदों पर भी डॉक्टर ही काम कर रहे हैं। इस दोहरी जिम्मेदारी और अक्सर प्रशासनिक व्यस्तताओं के चलते मरीजों के इलाज पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए यह नीतिगत बदलाव किया है। बदलाव को कार्य परिषद की मंजूरी मिल चुकी है। केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि कार्य परिषद के फैसले के अनुसार प्रक्रिया की जाएगी।