केजीएमयू के डॉक्टर मरीजों से दोस्ताना व्यवहार रखें और इलाज के साथ उनके प्रति अपनत्व की भावना रखें इसके लिए यूनेस्को के थ्री-टी ट्रेनिंग इन बायोइथिक्स प्रोग्राम का औपचारिक उद्घाटन मंगलवार को हुआ।
कलाम सेंटर में आयोजित यूनेस्को बायोइथिक्स प्रोग्राम के दूसरे दिन आस्ट्रेलिया के प्रो. रसेल डिसूजा ने बताया कि पेशेंट केयर के साथ पेशेंट फ्रेंडली होना बहुत जरूरी है।
‘डू नो हार्म’ थीम पर मरीजों का उपचार करने की सलाह दी गई। प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. शैली अवस्थी ने कहा कि यूनेस्को के नोडल सेंटर में केजीएमयू फैक्ल्टी मेंबर्स को इस तरह से प्रशिक्षित किया जाएगा जिससे वो सही समय पर सही निर्णय ले सकें।