लखनऊ। केजीएमयू के डॉक्टरों ने महज दो वर्ष की बच्ची की रीढ़ की हड्डी की जटिल सर्जरी कर उसे नई जिंदगी दी है। बच्ची की रीढ़ की हड्डी टीबी के कारण बुरी तरह टेढ़ी हो गई थी। ऑपरेशन के जरिये रीढ़ सीधी कर स्थिर की गई। केजीएमयू का दावा है कि उत्तर प्रदेश में इतनी कम उम्र की बच्ची में इस तरह की स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन सर्जरी पहली बार की गई है।
लखनऊ की रहने वाली बच्ची को पहले बुखार की शिकायत हुई थी। जांच में रीढ़ की हड्डी में टीबी की पुष्टि हुई और दवाएं शुरू कर दी गईं। इसके बावजूद बीमारी बढ़ती गई। बच्ची की पीठ में तेज दर्द रहने लगा और रीढ़ तेजी से टेढ़ी होने लगी। एक सप्ताह पहले परिजन उसे केजीएमयू के हड्डी रोग विभाग लेकर पहुंचे। यहां डॉ. शाह वलीउल्लाह ने जांच के बाद ऑपरेशन का निर्णय लिया। ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत में सुधार है और डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं।
आयुष्मान योजना से मिला मुफ्त इलाज
डॉ. शाह वलीउल्लाह ने बताया कि निजी अस्पतालों में इस तरह की सर्जरी पर करीब 10 लाख रुपये खर्च होते हैं, लेकिन केजीएमयू में आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरा इलाज और ऑपरेशन निशुल्क किया गया। सर्जरी में पीडियाट्रिक आर्थोपैडिक्स विभाग के अध्यक्ष डॉ. विकास वर्मा, डॉ. सैयद फैसल अफाक, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. बीबी कुशवाहा शामिल रहे।