केस-1
दवा के इंतजार में दो बार टली सर्जरी
बहराइच के रहने वाले सीताराम वर्मा के पांच वर्षीय बेटे का आदर्श पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में ऑपरेशन होना है। सीएम फंड से ऑपरेशन के लिए मदद मिली थी। डॉक्टर ने ऑपरेशन से पहले दवाएं व कुछ सामान इंडेट किया था। परिजनों ने दवा काउंटर पर मांग पत्र जमा किया। एक माह बीतने के बाद भी बृहस्पतिवार को ऑपरेशन की कुछ ही दवाएं मिली हैं। दवाएं न मिलने से डॉक्टरों ने दो बार सर्जरी की डेट टाल दिया।
केस-2
कैंसर मरीज को 21 दिन बाद मिली दवा
केजीएमयू के सर्जिकल अंकोलॉजी विभाग से मरीज शानू शर्मा कैंसर का इलाज चल रहा है। सीएम फंड से उन्हें इलाज के लिए मदद मिली है। डॉक्टरों ने दवा लिखी। तीन कार्य दिवस में दवा उपलब्ध कराने के लिए कहा, मगर 21 दिन बीतने बाद बृहस्पतिवार को मरीज को दवा मिल सकी। परिजन, दवा के लिए कई दफा दौड़ लगा चुके थे।
केस-3
ढाई माह से दवा के लिए दौड़ लगा रहे मरीज
बलरामपुर जिले के रहने वाले सुधीर मिश्रा ने ढाई माह पहले इंडेट जमा किया था। दवा अभी तक नहीं मिली है। वैस्कुलर सर्जरी विभाग से इलाज चल रहा है। मरीज ने बताया पांचवीं बार दवा लेने आए थे। असाध्य कॉर्ड लगा है। बताया तीन बार भाई को दवा लिए भेजा था। बताया मुफ्त दवा के चक्कर में दो तीन हजार रुपये किराये में खर्च हो गए हैं।
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। केजीएमयू में असाध्य बीमारियों से ग्रस्त मरीज मुफ्त दवाओं के लिए भटक रहे हैं। एक-एक माह के इंतजार बाद मरीजों को दवाएं मिल रही हैं। इससे उनकी बीमारी कम होने के बजाय और बढ़ रही है। दूर-दराज से आने वाले मरीज दवा के लिए संस्थान में धक्के खा रहे हैं।
इसके बाद भी अधिकारी दवा आपूर्ति करने वाली कंपनी पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। केजीएमयू में असाध्य, विपन्न, आयुष्मान समेत दूसरी योजना के तहत गरीब व गंभीर मरीजों को मुफ्त इलाज मुहैया कराया जा रहा है। कई मरीजों को मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री राहत कोष से भी इलाज मिल रहा है। अफसरों का दावा है कि दवा आपूर्ति की व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
दवाओं का आपूर्ति ठीक कराई जाएगी। पहले के मुकाबले दवा आपूर्ति में काफी सुधार हुआ है। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी।
डॉ. केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू