लखनऊ। रेजिडेंट डॉक्टर के धर्मांतरण के प्रयास के सनसनीखेज मामले में केजीएमयू ने अपने स्तर से छानबीन शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक उसे इस मामले में लिखित शिकायत नहीं मिली है।
केजीएमयू प्रशासन ने जांच के लिए आरोपी छात्र और पीड़ित छात्रा का ब्योरा निकाला है। इनसे प्रारंभिक स्तर पर पूछताछ भी की है। शनिवार को दीक्षांत समारोह में फंसे होने के बावजूद केजीएमयू प्रशासन ने इसमें तेजी दिखाई और इसी दिन रेजिडेंट डॉक्टरों का पूरा ब्योरा तलब कर लिया। सोमवार को संस्थान खुलने पर इस मामले में समिति भी बनाई जा सकती है।
हरकत में आईं खुफिया एजेंसियां
रेजिडेंट डॉक्टर के धर्मांतरण के प्रयास और पूर्व में एक अन्य डॉक्टर का धर्मांतरण होने के मामले में खुफिया एजेंसियां भी हरकत में आ गई हैं। इनका पहला लक्ष्य धर्मांतरण के पुराने मामले की सच्चाई जांचनी है। खुफिया एजेंसियों ने आरोपी और पीड़ित रेजिडेंट डॉक्टर का ब्योरा जुटाया है।
यह है मामला
केजीएमयू के एक रेजिडेंट डॉक्टर के पिता ने पुरुष रेजिडेंट डॉक्टर पर बेटी का धर्मांतरण कराने के प्रयास का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग के पास भेजी है। पीड़िता के पिता का यह भी कहना है कि आरोपी ने उनकी बेटी से शादी करने से पहले धर्म बदलने का दबाव बनाया। मना करने पर भी परेशान करता रहा। इसी वजह से बेटी ने आत्महत्या का प्रयास किया। आरोपी यह भी है कि आरोपी फरवरी में एक अन्य लड़की का धर्म बदलवाकर उससे शादी कर चुका है।
Iफिलहाल कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। इसके बावजूद केजीएमयू प्रशासन ने अपने स्तर पर छानबीन शुरू की है। शिकायत मिलने पर समिति बनाकर जांच शुरू की जाएगी। I
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- प्रो. केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयूI