उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश की सफल कूटनीति के आगे आज चीन को भी दोकलम से पीछे हटना पड़ा है। भारत की स्थिति अब 1962 वाली नहीं है। हमारे सैनिक इसीलिए वहां डटे रहे। चीन अगर लड़ने की कोशिश करता तो उसे ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाता। उड़ी में हमला करने वालों को सेना ने उनके देश के अंदर घुसकर मारा है। देश को एक शक्तिशाली प्रधानमंत्री मिला है। हम भारत को भी दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बनाएंगे।
अंबेडकर विश्वविद्यालय में सोमवार को ‘अंत्योदय के स्वप्नद्रष्टा पंडित दीनदयाल उपाध्याय’ विषयक संगोष्ठी में उन्होंने कहा, केंद्र सरकार पंडित दीनदयाल के सपनों को पूरा करने के लिए काम कर रही है। गरीबों के खाते खुलवाए गए, उनके घर गैस चूल्हे पहुंचे, अमीरों ने गरीबों के लिए सब्सिडी छोड़ी।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि पीएम के संकल्प को पूरा करने के लिए आप सब भी गंदगी, भ्रष्टाचार, गरीबी, आतंकवाद, जातिवाद को समाप्त करें। केंद्र और प्रदेश सरकार पंडितजी के जन्मशती वर्ष को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। सभी को गरीबी मिटाने का संकल्प लेना होगा।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती समारोह के उद्घाटन अवसर पर आयोजित संगोष्ठी के मुख्य वक्ता भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश ने भी दोकलम का जिक्र करते हुए कहा, पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू की विदेश नीति के कारण आज ऐसे हालात बने हैं। दीनदयाल के बताए मार्ग पर चलकर भारत ने खुद को समर्थ बनाया और हमारे जवान सीमा पर डटे रहे। अगर हम पहले ही उनके रास्तों पर चले होते तो चीन वहां तक न पहुंचता।
सिर्फ बातें नहीं काम करके दिखाया है
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा, नेहरू की गलत विदेश नीति का संकट हम आज भी झेल रहे हैं। पंडित दीनदयाल ने समन्वयवाद, एकात्मवाद, आर्थिक प्रजातंत्र, अंत्योदय, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, विविधता में एकता की बात कही थी। आज इन्हीं कदमों पर चलकर देश में बदलाव और विकास हो रहा है।
कैबिनेट मंत्री रमापति शास्त्री ने कहा, पीएम मोदी ने सिर्फ बातें नहीं की बल्कि काम करके दिखाया है। अतिथियों का स्वागत करते हुए कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने कहा कि दीनदयाल जन्मशती समारोह के तहत विवि में साल भर कार्यक्रम होंगे। समारोह में अशोक बेरी, विद्या सागर, यूथ इन एक्शन के संयोजक शतरुद्र समेत कई शिक्षक व छात्र उपस्थित थे।