संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। अक्सर शादी और बच्चों की जिम्मेदारियों के बाद महिलाओं के सपने घर-परिवार की सीमाओं में सिमट जाते हैं, लेकिन राजधानी की प्रतीक्षा सिंह ने इस धारणा को चुनौती देते हुए सफलता की नई मिसाल पेश की है। जुड़वां बच्चों की परवरिश और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई जारी रखकर उन्होंने पॉलीटेक्निक संयुक्त प्रवेश परीक्षा के ई-ग्रुप (फार्मेसी) में प्रदेश में पहली रैंक हासिल की है। उनकी यह उपलब्धि उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो जिम्मेदारियों के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देती हैं।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद (पॉलीटेक्निक) द्वारा आयोजित डिप्लोमा इंजीनियरिंग और फार्मेसी की प्रवेश परीक्षा में लखनऊ की प्रतीक्षा सिंह ने ई-ग्रुप (फार्मेसी) में 400 में से 380 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। वहीं, लखनऊ के ही राजेश कुमार शुक्ला ने ग्रुप के-1 (सिविल इंजीनियरिंग) में 400 में से 360 अंक हासिल कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि डिप्लोमा इंजीनियरिंग की काउंसिलिंग प्रक्रिया 25 जून से और डिप्लोमा इन फार्मेसी की काउंसिलिंग 24 जुलाई से शुरू होगी। प्रवेश काउंसिलिंग के दौरान अभ्यर्थियों को 3,250 रुपये शुल्क देना होगा। इसके अलावा राजकीय संस्थानों में प्रवेश शुल्क 15,000 रुपये और निजी संस्थानों में 45,000 रुपये जमा करने होंगे।
g बच्चों की देखभाल के साथ जारी रखी पढ़ाई, मेहनत लाई रंग : फार्मेसी की प्रवेश परीक्षा में प्रदेश में शीर्ष स्थान पाने वाली शांति नगर निवासी 29 वर्षीय प्रतीक्षा सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में उनकी शादी हुई थी और 2020 में जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ। पति सरकारी नौकरी में हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की देखभाल के साथ पढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन परिवार के सहयोग और अपने आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। परास्नातक कर चुकी प्रतीक्षा का सपना मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ने का है और वह इसके लिए निरंतर प्रयास करती रहेंगी।
g एनसीईआरटी और यूट्यूब बने सफलता के साथी :डिप्लोमा इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा में प्रदेश में पहली रैंक हासिल करने वाले पीजीआई क्षेत्र के 25 वर्षीय राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि उनकी सफलता में एनसीईआरटी की किताबों और यूट्यूब की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीएससी ऑनर्स के साथ कंप्यूटर की पढ़ाई कर चुके राजेश ने कहा कि इंजीनियर बनना उनका सपना है और पहली ही कोशिश में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त करना किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्हें उम्मीद है कि अब उन्हें लखनऊ के राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान में आसानी से प्रवेश मिल जाएगा।
प्रतीक्षा सिंह