मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भावी परिदृश्य का आकलन कर कोविड बेड की संख्या को दोगुना करने की कार्यवाही प्राथमिकता पर की जाए। इसके लिए सभी जिलों में बेड की संख्या बढ़ाई जाए। उन्होंने इस कार्य की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। कहा है कि समय-समय पर सत्यापन कर यह सुनिश्चित कराया जाए कि स्थापित नए बेड सभी आवश्यक उपकरणों व सुविधाओं से युक्त हैं।
मुख्यमंत्री सोमवार को वर्चुअल माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कोविड मरीजों के बेहतर उपचार की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा है ‘टेस्ट, ट्रेस, ट्रीट’ की रणनीति पर अमल करते हुए कोरोना नियंत्रण की प्रभावी कार्यवाही जारी रखी जाए। सभी जिलों में कोविड बेड, ऑक्सीजन, दवाओं तथा एम्बुलेंस की सुचारु व्यवस्था होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कोविड नियंत्रण व प्रबन्धन कार्य में टेलीकन्सल्टेंसी का व्यापक रूप से उपयोग करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इससे होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों को घर पर ही चिकित्सीय परामर्श प्राप्त हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गम्भीर मरीजों को अविलम्ब बेड उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। कोई भी सरकारी अथवा निजी अस्पताल बेड उपलब्ध होने पर कोविड पॉजिटिव मरीज को भर्ती करने से मना नहीं कर सकता। इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर से मरीज को जो अस्पताल आवंटित किया गया है, वहां उसे अनिवार्य रूप से भर्ती किया जाए। समीक्षा में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह व अन्य वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
आक्सीजन आडिट की गाइडलाइन जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में आक्सीजन आडिट के सम्बन्ध में गाइडलाइन जारी कर दी गई है। सभी सरकारी, निजी व टेकओवर किए गए कोरोना हॉस्पिटल को अपना आक्सीजन डेटा प्रशासन से अनिवार्य रूप से साझा करना है। सभी जिलों के प्रत्येक छोटे-बड़े अस्पताल में आक्सीजन की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार आक्सीजन की सुचारु आपूर्ति-वितरण के लिए ऑक्सीजन ऑडिट करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आक्सीजन टैंकरों की संख्या बढ़ाने का प्रयास कर रही है। आक्सीजन टैंकरों को जीपीएस सिस्टम से जोड़कर उनके संचालन की आनलाइन मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
हर जिले को मांग के अनुसार दें रेमडेसिविर के वायल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रेमडेसिविर सहित अन्य जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। जिलेवार मांग के अनुसार रेमडेसिविर के वायल उपलब्ध कराएं। सरकारी अस्पतालों में यह इंजेक्शन नि:शुल्क है जबकि निजी अस्पतालों में तय दरों पर उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने दुहराया मुनाफाखोरी पर करें कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने फिर दुहराया कि आक्सीजन तथा जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी व मुनाफाखोरी करने वालों पर लगातार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। निर्धारित दर से अधिक धनराशि लेने वाले निजी चिकित्सालयों एवं निजी लैब के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य मंत्री करेंगे मेडिकल किट वितरण की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों को मेडिकल किट की सुविधा अनिवार्य रूप से दी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि मेडिकल किट में न्यूनतम 7 दिन की सभी निर्धारित दवाएं हों। स्वास्थ्य मंत्री के स्तर से मेडिकल किट वितरण व्यवस्था की जिलेवार समीक्षा की जाए तथा इस कार्य के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जवाबदेह बनाया जाए।
सेवानिवृत चिकित्सक, टेक्नीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ की लें मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की लड़ाई जीत चुके तमाम लोग मरीजों की सेवा के इच्छुक हैं। अस्पतालों में सक्षम मैनपावर बढ़ाने के लिए सेवानिवृत चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ सहित सेवानिवृत सैन्यकर्मियों के अनुभवों का लाभ लिया जा सकता है। चिकित्सा संस्थानों द्वारा वर्चुअल आईसीयू प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रहना चाहिए।