अलग दुनिया ने रविवार को इंदिरानगर स्थित संस्था कार्यालय में काव्य
गोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें शहर की तीन महिला रचनाकारों ने काव्यपाठ
किया।
लेखिका ऊषा राय ने ‘कि रह नहीं सकते बिना जंगल, उसने आग को राख में
बदलते हुए देखा..’ सुनाया।
शोभा सिंह ने ‘उसके सपनों में घर आता औरत का
बुढ़ापा जनअदालत में औरत...’ सुनाई। महिला आंदोलन और मजदूरों पर कविताएं
लिखने वाली वंदना मिश्र ने ‘जिसने सोचा जमाना क्या कहेगा, बात उसकी नहीं
सुनता जमाना...’ सुनाकर खूब तालियां बटोरी।
गोष्ठी की अध्यक्षता शीला
रोहेकर ने की। इस मौके पर कथाकार अजय सिंह, प्रो. रमेश दीक्षित, रंगकर्मी
मृदुला भारद्वाज, मनोज शर्मा, प्रज्ञा पांडे, दीपक कबीर, डॉ. किरण सिंह,
केके वत्स समेत तमाम साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।