पर्वतीय महापरिषद की ओर से आयोजित उत्तरायणी कौथिग-2021 के सातवें दिन पर्वतीय समाज के विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में झोड़ा नृत्य प्रस्तुत कर रंगीली पहाड़ी संस्कृति को मंच पर उतारा। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति की अनूठी झलक भी देखने को मिली।
दोपहर में प्रदेश सरकार की महिला बाल विकास मंत्री स्वाति सिंह ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। शाम को जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह का स्वागत महापरिषद के मुख्य संयोजक टीएस मनराल, पूर्व र्पाषद नरेन्द्र सिह देवड़ी, संयोजक केएन चन्दोला ने किया। झोड़ा नृत्य में जनकल्याण समिति विकास नगर, कल्याणपुर, भरत नगर, प्रीति नगर, पंतनगर, गोमती नगर खरगापुर व इंदिरानगर की महिला टीमों ने अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेरा। इन कार्यक्रमों का संचालन महेन्द्र पंत व गोविन्द बोरा ने किया। इसके अलावा उत्तराखंडी के साथ राजस्थानी लोक नृत्य ने सभी दर्शकों का दिल जीता।
उत्तराखंड संस्कृति विभाग के रमेश उपाध्याय के सहयोग से मां नैना सांस्कृतिक एवं जनकल्याण समिति की घमाकेदार प्रस्तुतियों ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। पुष्कर मेहर ने वंदना कै धुरि फुलैलो मासी का फूल...ने सभी को थिरकया। सीमा विश्वकर्मा ने यो डाना का पार.., और लोक गायक चन्द्रप्रकाश ने अपनी एकल प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीता। महापरिषद के महिला प्राकोष्ठ की प्रभारी सुमन सिंह रावत, अंजनी बोनाल, अध्यक्ष गंगा भट्ट व महासचिव सुमन मनराल भी मौजूद रहीं।