मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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उपचुनाव के प्रचार के दौरान सीएम योगी के बटेंगे तो कटेंगे का संदेश आम मतदाताओं तक सीधे पहुंचा। इसका असर परिणाम के रूप में भाजपा के पक्ष में भी शनिवार को दिखा। आशंका के विपरीत दलित व निषाद मतदाता कटे नहीं बल्कि भाजपा में आकर सटे। इसमें साथ निभाया सवर्ण मतदाताओं ने और पार्टी प्रत्याशी धर्मराज निषाद ने इतिहास रच दिया। उन्होंने भाजपा का 33 वर्ष बाद कमल खिला दिया। इससे पहले वर्ष 1991 में यहां से भाजपा के अनिल तिवारी जीते थे। तब से पार्टी को यहां से जीत नहीं मिल सकी।
कटेरी के जातीय समीकरण को देखें तो करीब 95 हजार दलित निर्णायक साबित होते हैं। 65 हजार कुर्मी भी इकतरफा मतदान करते हैं। 50 हजार ब्राह्मण मतदाता भी हार-जीत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। 40 हजार मुस्लिम व 30 हजार निषाद कद्दावरों का कद तय करते हैं। उपचुनाव में भाजपा ने सभी को साधने की पूरी कोशिश की। सीएम योगी खुद ब्राह्मण नेताओं से मिले। निषाद मतदाताओं को पक्ष में करने के लिए धर्मराज के रूप में निषाद प्रत्याशी उतारा। इसमें खास बात यह रही कि धर्मराज निषादों के साथ ही दलितों में भी अच्छी पैठ रखते हैं। पार्टी ने बूथवार रणनीति तैयार कर मार्चेबंदी की और जीत के लिए हर जरूरी जतन किए। शनिवार को भाजपा के पक्ष में परिणाम सुखद भी रहा।