सरकार ने इस बार आयुष प्रवेश परीक्षा कराने का जिम्मा महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी को दिया है। यह प्रवेश परीक्षा 4 सितंबर को होगी। राज्यपाल राम नाईक की सहमति के बाद मंगलवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसके औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
यह पहला मौका है जब आयुष की अलग प्रवेश परीक्षा कराई जा रही है। अभी तक कंबाइंड प्री-मेडिकल टेस्ट (सीपीएमटी) के जरिए ही आयुष कक्षाओं में भी दाखिले लिए जाते थे। लेकिन इस बार एमबीबीएस व बीडीएस में दाखिले नीट के जरिए लिए जा रहे हैं।
इस कारण प्रदेश सरकार को आयुष के लिए अलग प्रवेश परीक्षा करानी पड़ रही है। आयुष के जरिए होम्योपैथी (बीएचएमएस), आयुर्वेद (बीएएमएस) व यूनानी (बीयूएमएस) की करीब 800 सीटें भरी जाती हैं।