कर्नाटक काडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी (35) की बुधवार को संदिग्ध हालात में दम घुटने से मौत हो गई। सुबह करीब छह बजे उनका शव हजरतगंज के मीराबाई मार्ग स्थित वीआईपी गेस्टहाउस के पास सड़क किनारे मिला।
बहराइच के पूरा कानूनगो निवासी अनुराग बंगलूरू में फूड सिविल सप्लाइज एंड कंज्यूमर्स अफेयर्स डिपार्टमेंट में कमिश्नर के पद पर तैनात थे। बुधवार को ही उनका जन्मदिन था। उनके पिता बीएन तिवारी का आरोप है कि अनुराग की हत्या की गई है। उनका कहना है कि कुछ भ्रष्ट अफसर अनुराग से ईर्ष्या करते थे।
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम में दम घुटने से मौत की वजह सामने आई है हालांकि दम किस वजह से घुटा, यह साफ नहीं है। पूरी पड़ताल के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है।
इसके लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। उनकी ठुड्डी, दाहिने हाथ और दाएं पैर में चोट के निशान हैं। देर रात परिवारीजन शव लेकर बहराइच रवाना हो गए जहां बृहस्पतिवार सुबह अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बैचमेट के साथ रुके थे
- फोटो : amar ujala
अनुराग रविवार को ही लखनऊ आए थे और अपने बैचमेट एलडीए वीसी पीएन सिंह के साथ रुके थे। वे 2007 बैच के कर्नाटक काडर के आईएएस अधिकारी थे। उन्होंने यूपीटीयू से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीटेक किया था।
बुधवार सुबह करीब छह बजे वह लोअर और टी-शर्ट पहनकर टहलने निकले थे। गेस्टहाउस से बाहर निकलते ही गिर पड़े। अनुराग की ठुड्डी पर कट का निशान लगा था और नाक से खून निकल रहा था।
हालांकि पांच डॉक्टरों के पैनल से कराए गए पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह साफ नहीं हो सकी। सूत्रों के मुताबिक, अनुराग को अत्यधिक रक्तस्राव हुआ था। खून में विषैले तत्वों की मौजूदगी के भी संकेत मिले हैं।
परिवारीजन बोले- सीबीआई करे मौत की जांच
जांच के लिए पहुंचे आईजी व एसएसपी
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अनुराग के परिवारीजनों ने उसके मॉर्निंग वॉक पर जाने पर भी सवाल उठाए हैं। अनुराग के बड़े भाई आलोक का कहना है कि वह हमेशा सुबह नौ बजे उठते थे। कभी मार्निंग वॉक पर नहीं गए।
बुधवार को सुबह ही अनुराग को बंगलूरू वापस जाना था। देर रात तक दोस्तों के साथ समय बिताने के बाद उसे वापसी की तैयारी भी करनी थी।
ऐसे में मार्निंग वॉक पर जाने का सवाल ही नहीं उठता। परिवारीजनों ने अनुराग की मौत की सीबीआई जांच कराई जाए।