इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्तियों ने किया कान्हा उपवन का निरीक्षण। स्रोत ः उपव
लखनऊ। कान्हा उपवन अब केवल निराश्रित गोवंश के संरक्षण का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और गोसेवा के मूल्यों से नई पीढ़ी को जोड़ने का माध्यम भी बनेगा। शनिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्तियों ने कान्हा उपवन का निरीक्षण कर इसे गो संरक्षण का आदर्श मॉडल बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूली बच्चों और प्रशिक्षु अधिकारियों को नियमित रूप से यहां भ्रमण कराया जाए, ताकि उनमें गो संरक्षण, पर्यावरण और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता विकसित हो।
न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया, राजीव सिंह और राजेश सिंह चौहान ने कान्हा उपवन का दौरा किया। उन्होंने परिसर में आम, अमरूद और जामुन के पौधे लगाए तथा गोवंश को गुड़ खिलाकर गोसेवा का संदेश दिया। नगर आयुक्त गौरव कुमार और नगर निगम के अधिकारियों से उपवन की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और सुविधाओं की सराहना की। न्यायमूर्तियों ने परिसर में विकसित किए जा रहे विद्यालयों, राधा सरोवर और प्रेम सरोवर को दूरदर्शी पहल बताया।
अपर मुख्य सचिव ने व्यवस्थाओं को सराहा
ग्राम्य विकास एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अपर मुख्य सचिव सौरभ बाबू ने भी कान्हा उपवन का निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंश के लिए उपलब्ध सुविधाओं को उत्कृष्ट बताया। निराश्रित गोवंश संरक्षण की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और गोवंश को गुड़ खिलाया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्तियों ने किया कान्हा उपवन का निरीक्षण। स्रोत ः उपव
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