कथा के शुभारंभ पर निकाली कलश यात्रा
लखनऊ। ऋषि सेवा समिति की ओर से सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर कलश यात्रा निकाली गई। इसमें पीले वस्त्रों में सिर पर कलश रखे 108 महिलाएं और पुरुष शामिल रहे। यात्रा चिनहट के राधाकृष्ण मंदिर से शुरू होकर मटियारी सि्थत होटल कथा स्थल पर संपन्न हुई। इस दौरान जगह-जगह लोगों ने यात्रा का स्वागत किया।
शाम पांच बजे कथा का शुभारंभ हुआ।
कथावाचक ज्योतिष राघव ऋषि ने गीता का महत्व समझाया। संपत्ति के मोह से महाभारत होता है और त्याग से रामराज्य आता है। ऐसे में हर किसी को त्याग की भावना रखनी चाहिए। भागवत कथा पापों को नष्ट करती है। जो आनंद हमारे भीतर है उसे जीवन में किस प्रकार उतारना है हमें भागवत शास्त्र सिखाता है। एक योगी को जो आनंद समाधि में मिलता है। वही आनंद घर में रहकर भी प्राप्त कर सकते हैं। कथा ज्ञान और वैराग्य जाग्रत करती है। संयोजक विनोद पांडेय, कुलदीप मिश्र, अविनाश टिक्का, दीप अरोड़ा, आनंद सैनी, सचिन गुप्ता, आदित्य शुक्ल, सौरभ सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
कथा के शुभारंभ पर निकाली कलश यात्रा
कथा के शुभारंभ पर निकाली कलश यात्रा