कैलाश खेर ने जब हाथों में डमरू लेकर अपना मशहूर गीत बगड़ बम बम... सुनाया तो दर्शक झूम उठे। ऐसा लगा मानो शिवरात्रि से तीन दिन पहले ही लोग भगवान शिव की भक्ति में झूम रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने हमारा लखनऊ, ये प्यारा लखनऊ... सुनाकर शहरवासियों का दिल जीत लिया।
मंच पर युवतियों को बुलाया, जमकर थिरकीं
कैलाश खेर ने मंच पर युवतियों को आमंत्रित किया। इसके बाद उन्होंने जब सुनाया ऊपर ऊपर के हैं चोर जोबन छलके छलके... गीत सुनाया तो मंच पर मौजूद युवतियां जमकर थिरकीं। यह देख स्टेडियम में मौजूद बाकी दर्शक भी नाचने लगे।
कार्यक्रम देखने उमड़े लोग।
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मंच पर कैलाश खेर ने लखनऊ की तारीफों के पुल भी बांधे, लेकिन साथ ही यहां के ट्रैफिक को लेकर चुटकी भी ली। कहा कि लखनऊ अदब का शहर है, गजब का शहर है। लखनऊ का खाना और यहां का गाना पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। ...लेकिन यहां का ट्रैफिक थोड़ा कच्चा है। यहां सबको पहले आगे निकलने की जल्दी है और इस मामले में लखनऊ पहले आप पहले आप... की अपनी तहजीब को भूल गया है।
सबके होते हैं फैन, हमारी होती है फैमिली
दर्शकों के जबरदस्त उत्साह के बीच कैलाश खेर ने कहा कि सबके फैन होते हैं, लेकिन हमारी फैमिली होती है। कहा कि लखनऊ के दर्शक मेरी फैमिली की तरह हैं। बोले- आप लोग इतना शरमा शरमा कर न नाचें, बल्कि खुलकर नाचें।
फिल्मी गाना हो जाता है इल्मी
मंच से कैलाश खेर ने खूब जुमलेबाजी भी की। कैसे बताएं क्यू तुझको चाहें यारा बता ना पाएं, तू जाने ना... गीत सुनाने से पहले उन्होंने कहा कि यह गाना तो फिल्मी है, लेकिन जब कैलाश गाते हैं तो यह हो जाता है इल्मी। इसके बाद जब इस गीत पर उन्होंने सुर साधे तो पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा।