भारतीय सिमकार्ड एक्टिवेट कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में वारंट बी पर लखनऊ लाए गए चीनी नागरिक जुनवेई हान की रिमांड पर सोमवार को सुनवाई होगी। एटीएस के अधिकारियों के मुताबिक जुनवेई ही इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड है। रिमांड मिलने के बाद इससे कई खुलासे हो सकते हैं।
एटीएस के सूत्रों का कहना है कि इस मामले में तीन चीनी नागरिकों समेत गिरफ्तार किए गए 17 अभियुक्तों में से अधिकतर ने जुनवेई हान को सरगना बताया था। जुनवेई हान को पिछले दिनों पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने मालदा से अवैध तरीके से घुसपैठ के आरोप में 10 जून को गिरफ्तार किया था। बाद में पता चला कि यह वही व्यक्ति है जिसकी तलाश यूपी एटीएस को थी। इसी के बाद एटीएस ने न्यायालय से वारंट बी हासिल किया और उसे पश्चिम बंगाल से लाकर लखनऊ में न्यायालय में पेश किया जा चुका है। इस मामले में सोमवार को सुनवाई होगी।
एटीएस के अधिकारियों का कहना है कि जुनवेई हान इस मामले में अभी तक मुख्य कड़ी बताया गया है। उससे पूछताछ के बाद पता चलेगा कि आखिर उसने कितना आर्थिक नुकसान किस रूप में किया गया इसका पता लगाया जाएगा।