क्वीन मेरी में मरीज की मौत के बाद गुस्साए परिवारीजनों ने महिला जूनियर डॉक्टर की जमकर पिटाई कर दी। तीमारदारों का आरोप था कि इलाज के लिए उनसे पैसे लिए गए और उसके बाद भी हालत नहीं सुधरी।
शिकायत करने पर डॉक्टर अस्पताल से निकाल देने की धमकी देते थे। महिला जूनियर डॉक्टर से हुई मारपीट के बाद गुस्साए जूनियर डॉक्टरों ने सुबह आठ बजे ओपीडी का कामकाज बंद कर दिया।
इसके बाद कुलपति दफ्तर के बाहर दोपहर 12 बजे तक जमे रहे। केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी परिवारीजनों पर एफआईआर दर्ज कराई है।
जहानाबाद, फतेहपुर के रहने वाले मो. अयूब खान की पत्नी सलमा खान (65) को पेट और सीने में संक्रमण संबंधित समस्या के बाद गंभीर हालत में चार दिन पहले क्वीन मेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिवारीजनों के मुताबिक, चार दिन तक चले इलाज के लिए डॉक्टरों ने सोलह हजार रुपये लिए उसके बाद भी उनकी हालत नहीं सुधरी और सोमवार को क्वीन मेरी की प्रो. उमा सिंह की यूनिट में सुबह पांच बजे मरीज की मौत हो गई।
मरीज की मौत के बाद तीमारदार शहनाज ने वार्ड में चीख-चीख कर डॉक्टरों पर आरोप लगाना शुरू कर दिया। वार्ड में शोर मचता देख ड्यूटी पर मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदारों को शव के साथ करीब छह बजे बाहर निकाल दिया।
शव वाहन की व्यवस्था करने के बाद परिवारीजन शव लादकर जाने लगे। इसी बीच यूनिट फोर की दो जूनियर डॉक्टर ड्यूटी पूरी कर बाहर निकल रही थीं इसी दौरान गुस्साई महिला तीमारदार ने उनकी जमकर धुनाई कर दी।
महिला का उग्र रूप देख एक डॉक्टर तो भाग गई लेकिन दूसरी महिला डॉक्टर को तीमारदार ने बाल खींच-खींच कर बुरी तरह पीट दिया। आठ बजे ओपीडी शुरू होने के दौरान डॉक्टरों ने कामकाज बंद कर दिया जो करीब 12 बजे तक चला।
इस दौरान सीनियर डॉक्टरों ने कामकाज संभाला लेकिन अव्यवस्था और भीड़भाड़ के चलते काफी मरीज बिना इलाज वापस लौट गए। नाराज जूनियर विरोध जताते हुए कुलपति प्रो. रविकांत से सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की मांग की।
कुलपति ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद सभी जूनियर डॉक्टर काम पर लौटे और स्थितियां सामान्य हो सकीं। केजीएमयू प्रशासन ने मरीज के लिखे हुए पते के आधार पर चौक कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।