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लखनऊ: दुर्गा शक्ति के विरुद्ध केस की सुनवाई से जज हटे, अब 9 सिंतबर को होगी आपराधिक अवमानना मामले में जिरह

Fri, 04 Sep 2026 06:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

जस्टिस अब्दुल मोइन व जस्टिस श्रीवास्तव की पीठ स्वयं संज्ञान से दर्ज आपराधिक अवमानना अर्जी पर सुनवाई कर रही थी। 
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demo - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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देवी पाटन मंडल की कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल पर दर्ज आपराधिक अवमानना मामले की सुनवाई से हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने खुद को अलग कर लिया है। जस्टिस अब्दुल मोइन व जस्टिस श्रीवास्तव की पीठ स्वयं संज्ञान से दर्ज आपराधिक अवमानना अर्जी पर सुनवाई कर रही थी। 

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अर्जी में देवीपाटन मंडल, गोंडा की कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल को प्रतिपक्षी बनाया गया है। खंडपीठ ने आदेश में कहा कि इस केस को मुख्य न्यायमूर्ति या वरिष्ठ न्यायमूर्ति से नामीतीकरण लेकर किसी अन्य बेंच के समक्ष 9 सितंबर को सूचीबद्ध किया जाए, जिसमें न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव सदस्य न हों।

गौरतलब है कि गोंडा में लंबे समय से लंबित भूमि विवाद की सुनवाई कर रहीं सिविल जज( सीनियर डिवीजन) शबीना खान को कथित तौर पर प्रभावित करने के प्रयास को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पिछले माह गंभीरता से लिया था। कोर्ट ने कहा था कि देवीपाटन की मंडलायुक्त वरिष्ठ आईएएस अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल का जज को फोन करके उन पर डाला गया कथित दबाव प्रथमदृष्टया न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है और न्याय प्रशासन में बाधा उत्पन्न करता है।
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हाईकोर्ट ने कहा था कि मामले में आपराधिक अवमानना के तहत विचार करने की आवश्यकता है। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि मुख्य न्यायाधीश अथवा वरिष्ठ न्यायाधीश से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त करने के बाद मामले को उपयुक्त अदालत के समक्ष रखा जाए। इसके तहत, आपराधिक अवमानना का यह मामला बृहस्पतिवार को खंडपीठ के समक्ष पेश हुआ।

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