लखनऊ। जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय सेंटर (जेपीएनआईसी) को निजी कंपनी को लीज पर देने के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से विरोध की आशंका थी। इस कारण बुधवार को सेंटर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि, देर शाम तक कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ।
कैबिनेट ने मंगलवार को गोमतीनगर स्थित जेपीएनआईसी को संचालन के लिए निजी कंपनी को लीज पर देने की मंजूरी दी थी, जिसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव और सपा नेता शिवपाल यादव ने सोशल मीडिया पर प्रदेश सरकार पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई। पुलिस प्रशासन को आशंका थी कि सेंटर पर आकर विरोध हो सकता है। ऐसे में सुरक्षा के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। विरोध प्रदर्शन होने पर लीज का मामला विवाद में फंस सकता था। पिछले नौ साल से सेंटर बंद होने से बदहाल हो गया है, यह मुद्दा भी विरोध करने वाले उठा सकते थे।
इसलिए थी आशंका
जेपीएनआईसी का निर्माण साल 2013 में सपा सरकार में शुरू हुआ था। साल 2017 में भाजपा सरकार आने पर निर्माण पूरा होने से पहले ही इसका काम बंद हो गया। फिनिशिंग सहित करीब 50 करोड़ रुपये के काम बचे थे। एलडीए को यह बजट शासन से नहीं मिला, जिससे सेंटर नौ साल से बंद और बदहाल था। करीब तीन साल पहले अखिलेश यादव जय प्रकाश नारायण की जयंती पर माल्यार्पण के लिए सेंटर पहुंचे थे।