लखनऊ। शासन से गठित संयुक्त समिति बुधवार को किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय पहुंची। समिति को आरक्षित पदों पर सामान्य अभ्यर्थियों के भर्ती संबंधी आरोपों की जांच करनी है।
इस समिति में लालजी निर्मल की अध्यक्षता में सुरेश पासी, मनोज पारस और डाॅ. रागिनी सोनकर सदस्य हैं। संयुक्त समिति ने वर्ष 2022 में जारी शिक्षकों के 112 पदों पर हुई भर्ती पर केजीएमयू प्रशासन से जवाब तलब किया। आरोप है कि भर्ती में ईडब्ल्यूए को 20 फीसदी, अनारक्षित को 63 फीसदी, अन्य पिछड़ा वर्ग को 10 फीसदी, अनुसूचित जाति को सात और और अनूसूचित जनजाति पर शून्य फीसदी विज्ञापित किए गए। शिकायत के बाद इसमें कुछ बदलाव किया गया। आरोप है कि इसके बावजूद आरक्षित वर्ग के पद सामान्य वर्ग को दिए गए हैं। इसके बजाय कार्य परिषद की बैठक करके रातों-रात शिक्षकों को जाॅइन करा लिया गया। आरोप यह भी है कि केजीएमयू की कार्य परिषद में परिनियमावली के नियम-1 05(क) में व्यवस्था के बाद भी दलित-पिछडों को कार्य परिषद में उपबंधित आरक्षण के अनुसार जगह नहीं दी गई है। बहरहाल सदस्यों ने केजीएमयू प्रशासन का पक्ष ले लिया है। अब समिति अपनी रिपोर्ट शासन को दाखिल करेगी।