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ये भर्ती फॉर्मूला बन सकता है गले की फांस

Wed, 09 Oct 2013 04:14 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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ग्राम पंचायत अधिकारियों की भर्ती की चयन प्रक्रिया पंचायतीराज विभाग के जी का जंजाल बन सकती है।
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विभाग ने साक्षात्कार और शैक्षिक अर्हता को लेकर जिस तरह की प्रक्रिया तय की है, उससे विभाग में ही चर्चा शुरू हो गई है कि इसे आज नहीं तो कल न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है। इसका भी हश्र शिक्षक भर्ती जैसा हो सकता है।
पंचायतीराज विभाग ने ग्राम पंचायत अधिकारी पद पर भर्ती के लिए 50 नंबर शैक्षिक योग्यता व वेटेज के आधार पर जबकि 50 नंबर साक्षात्कार के लिए तय किया है।

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इसके अंतर्गत इंटरमीडिएट में उत्तीर्ण श्रेणी के आधार पर अधिकतम 20 अंक दिए जाएंगे जबकि स्नातक होने पर अधिकतम 10 नंबर और जुड़ेंगे।

छटनीशुदा कर्मचारी होने पर वर्ष के अनुसार अधिकतम 15 नंबर मिलेगा तो खिलाड़ी के लिए उसके स्तर को देखते हुए अधिकतम 5 नंबर का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 50 नंबर के साक्षात्कार के नंबर तीन मानक पर मिलेंगे।
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पंचायतीराज विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि किसी भी 100 नंबर की चयन प्रणाली में यदि 50 नंबर का साक्षात्कार रख दिया जाता है तो उसे चुनौती दी जा सकती है।

वजह, यह नैसर्गिंक व्यवस्था के विरुद्ध है और पूर्व में लेखपालों की भर्ती में ऐसी ही व्यवस्था की वजह से प्रक्रिया बदल चुकी है। इसमें शैक्षिक योग्यता में अधिकतम नंबर पाने वाला इंटरव्यू में नाम मात्र का नंबर पाकर चयन प्रक्रिया से बाहर हो सकता है।

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इसके अलावा इंटरमीडिएट की शैक्षिक अर्हता रखने के बाद स्नातक का वेटेज दूसरा बड़ा पेंच साबित हो सकता है। सवाल यह उठ रहा है कि जब शैक्षिक अर्हता इंटरमीडिएट तय है तो फिर उससे उच्च योग्यता को वेटेज के लिए कैसे रखा जा सकता है।
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हालांकि, नियमावली व शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए अधिकारी भर्ती प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं। 19 अक्तूबर तक ग्राम पंचायत अधिकारी के पदों पर आवेदन किया जा सकता है।

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