माध्यमिक शिक्षा परिषद से सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में बाबुओं व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्तियां होंगी। राज्य सरकार चार साल बाद इन पदों पर भर्तियां शुरू करने जा रही है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग को इसके लिए प्रस्ताव भेजा है।
इसके मुताबिक हाईस्कूल में एक क्लर्क व इंटर कॉलेजों में दो से अधिक क्लर्क की भर्ती की अनुमति दी जाएगी। पहले की ही तरह कॉलेज प्रबंधन बाबुओं की तो प्रधानाचार्य चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती करने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से मंडलीय समिति को अनुमोदन के लिए भेजेंगे।
सहायता प्राप्त हाईस्कूल व इंटर कॉलेजों में 6 जनवरी 2011 को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर यह कहते हुए रोक लगा दी गई कि अब आउटसोर्सिंग के माध्यम से इन पदों पर काम चलाया जाएगा।
वहीं प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद अखिलेश सरकार ने 15 मार्च 2012 को सभी प्रकार की भर्तियों पर रोक लगा दी, लेकिन 23 मई 2012 को शिक्षा विभाग में शिक्षकों पर लगी रोक हटा ली गई। पर, बाबुओं की भर्ती पर रोक बरकरार रही।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से स्पष्ट नीति न होने के चलते सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों की आउटसोर्सिंग नहीं हो पाई। इसी तरह बाबुओं की भर्ती पर रोक के चलते पद खाली होते चले गए।