लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि (एकेटीयू) के संस्थापक कुलपति प्रो. दुर्ग सिंह चौहान ने कहा है कि जैसे-जैसे लॉकडाउन खुलेगा और हम आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होंगे। वैसे-वैसे ही जॉब के अवसर में भी वृद्धि होगी। जिस तरह इस लॉकडाउन में, टेक्नोलॉजी हमारी मुख्य जरूरतों को पूरा करने का मुख्य उपकरण बनी है। उसी प्रकार आने वाले मात्र कुछ ही दिनों में आईटी, सर्किट ब्रांचों के विद्यार्थियों के लिए अनेकों अवसर सृजित होंगे। वे रविवार को विवि द्वारा ‘कोरोना काल के बाद तकनीकी छात्रों के लिए बनते नए अवसर’ विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष उत्तीर्ण हो रहे विद्यार्थियों को प्लेसमेंट दिलवाने के लिए एमएसएमई में एक या एक से अधिक वर्ष की इंटर्नशिप एक बेहतर विकल्प हो सकती हैं। मैन्युफेक्चरिंग इंडस्ट्री की ग्रोथ के लिए एमएसएमई को बढ़ावा देना होगा। ऐसे में यदि विवि स्वयं एमएसएमई खोले तो उनको आसानी से मानव संसाधन मिल सकता है। साथ ही विवि के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप और रोजगार के सुगम अवसर मिल सकते हैं। यदि प्रदेश को मैन्युफेक्चरिंग इंडस्ट्री विकसित करनी है तो विश्वविद्यालयों को एमएसएमई खोलने पर विचार करना होगा। आने वाला समय प्राविधिक शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए इनोवेशन और शोध के साथ स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करेगा।