लखनऊ यूनिवर्सिटी में रविवार को आयोजित जॉब फेयर में करीब तीन हजार छात्रों की भीड़ उमड़ी, लेकिन 71 कंपनियों से 40 कंपनियों के ही आने से अधिकतर को निराश होना पड़ा। कई छात्रों का कहना था कि इस मेगा जॉब फेयर में एक भी नामी कंपनी नहीं आई, इसके चलते उन्होंने अपना इंटरव्यू नहीं दिया।
विश्वविद्यालय के काउंसलिंग एंड प्लेसमेंट सेल (सीपीसी) की ओर से आयोजित हुए जॉब फेयर में आईटी, बैंकिंग, हॉस्पिटैलिटी, टेलीकॉम, फाइनेंस व अन्य क्षेत्र की करीब 40 कंपनियां शामिल हुईं।
देर शाम तक चले इंटरव्यू के दौर के बाद सेकंड राउंड के लिए चयनित अभ्यर्थियों का डाटा फाइनल नहीं हो सका। जॉब फेयर के लिए पिछले तीन दिन से पंजीकरण जारी था। रविवार सुबह भी कैशियर कार्यालय पर युवाओं ने पंजीकरण कराया।
रजिस्ट्रेशन के बाद स्टूडेंट्स को विश्वविद्यालय के एपी सेन हॉल में रिपोर्टिंग कराई गई। यहां स्टूडेंट डेस्क से उन्हें एक टोकन और कंपनियों की सूची दी गई। इसे लेकर वे किसी भी कंपनी में इंटरव्यू के लिए जा सकते थे। इस सूची में संबंधित विभाग का नाम भी दिया गया था। जहां पर उस कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सीपीसी की निदेशक प्रो.मधुरिमा लाल ने बताया कि जॉब फेयर को लेकर स्टूडेंट्स में खासा उत्साह देखने को मिला। इस तरह के आयोजन आगे भी चलते रहेंगे। इससे पहले जॉब फेयर का उद्घाटन कुलपति प्रो.एसपी सिंह ने किया।