प्रदेश के हर जिले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की एक-एक अदालतें भी गठित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में न्याय विभाग को निर्देश दे दिया है।
कैबिनेट ने पिछले दिनों महिलाओं के खिलाफ हो रहे गंभीर अपराधों के दोषियों को तेजी से सजा दिलाने के लिए हर जिले में एक-एक फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना को मंजूरी दी थी। कुल 80 फास्ट ट्रैक अदालतें जल्दी ही काम शुरू कर देंगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को इन फास्ट ट्रैक अदालतों के जल्द क्रियाशील होने की बात कहकर शुभ संकेत दिया है। इन अदालतों में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों की तैनाती होनी है।
जानकार बताते हैं कि महिलाओं के साथ गंभीर अपराध पर सात वर्ष या इससे अधिक सजा वाले मामले इस कोर्ट के क्षेत्राधिकार में आते हैं। इससे कम अवधि की सजा वाले मामले न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालतें सुनती हैं।