शहर में भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव समारोह धूमधाम से मनाया जाएगा।
चेटीचंड मेला कमेटी की ओर से पांच दिवसीय कार्यक्रमों का आगाज 30 मार्च को होगा। मुख्य आयोजन एक अप्रैल को हरिओम मंदिर लालबाग में होगा।
इस दिन भगवान झूलेलाल की भव्य शोभायात्रा निकाला जाएगी। इसके लिए शहर में जगह-जगह 51 तोरण द्वार बनाए जाएंगे। शोभायात्रा में संतों के अलावा सामाजिक मुद्दों पर आधारित झांकियां भी होंगी।
यह जानकारी हरिओम मंदिर में रविवार को हुई प्रेस वार्ता में चेटीचंड मेला कमेटी के मीडिया प्रभारी प्रो. गोपाल कृष्ण लालचंदानी ने दी।
उन्होंने बताया कि हरिओम मंदिर लालबाग के अलावा सिंधी घाट, झूलेलाल घाट समेत तमाम स्थानों पर भी झूलेलाल जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी।
पांच दिवसीय कार्यक्रमों का मुख्य आकर्षण एक अप्रैल को भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा होगी।
यात्रा सुबह आलमबाग स्थित शिव शांति आश्रम से निकलेगी, जो मवइया, चारबाग, नाका हिंडोला, गणेशगंज, अमीनाबाद, कैसरबाग, हजरतगंज से हनुमान सेतु होते हुए झूलेलाल वाटिका पहुंचेगी।
यहां यात्रा चेटीचंड मेले में परिवर्तित हो जाएगी। यात्रा के लिए शहर भर में 51 तोरण द्वार बनाए जाएंगे। शोभायात्रा में संतों की झांकियों के अलावा नेत्रदान, रतदान समेत तमाम सामाजिक मुद्दों पर आधारित झांकियां भी होगी।
शाम से शुरू होने वाले मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आतिशबाजी की धूम रहेगी।
सिंधी व्यंजन के स्टॉल मेले का खास आकर्षण रहेंगे। इस मौके पर कमेटी के मनीष मोदी, अशोक चांदवानी समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य आयोजन
30 मार्च : सांस्कृतिक सिंधी कार्यक्रम, सिंधी पंचायत, पराग चौराहा।
31 मार्च : सांस्कृतिक कार्यक्रम, बी-ब्लॉक पानी की टंकी, सिंधी पंचायत और सांस्कृतिक कार्यक्रम कृष्णानगर-सिंधुनगर।
1 अप्रैल : सुबह 11 बजे से भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा। इसके अलावा राजाजीपुरम मंदिर, हरिओम मंदिर लालबाग, इंदिरानगर बी-ब्लाक, शनि मंदिर स्थित सिंधी घाट पर भी आयोजन होंगे।
3 अप्रैल : सांस्कृतिक कार्यक्रम और भंडारा, राजाजीपुरम।