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Lucknow: ठेका दिलाने का झांसा देकर 68.40 लाख हड़पने वाला जेई गिरफ्तार, कॉल रिकॉर्डिंग से खुला खेल

Mon, 07 Aug 2023 02:08 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

पुलिस को जेई की एक कॉल रिकॉर्डिंग मिली है। जिसमें रकम के लेनदेन का जिक्र किया गया है और ठेका देने की बातचीत भी उसमें है। ये बेहद अहम सुबूत माना जा रहा है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ (यूपीआरएनएसएस) के जेई सुशील वर्मा को पुलिस ने धोखाधड़ी और रकम हड़पने के मामले में रविवार को गिरफ्तार कर लिया। लंबे समय से उसकी तलाश थी। दो मामले में उस पर 68.40 लाख रुपये हड़पने का आरोप है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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इंदिरानगर इंस्पेक्टर छत्रपाल सिंह ने बताया कि ऐशबाग निवासी ठेकेदार अब्दुल कादिर ने सुशील वर्मा पर आरोप लगाया था कि आरोपी ने उनसे 34.40 लाख रुपये निजी कार्यों के लिए ले लिए। साथ ही 19 लाख रुपये का काम लखीमपुर में तैनाती के दौरान उससे करवाए। उसका भी भुगतान नहीं कराया। रकम मांगने पर जो चेक दिए वह बाउंस हो गए। रकम मांगने पर धमकाया था। तब अब्दुल ने सुशील पर इंदिरानगर थाने में 15 फरवरी 2022 को एफआईआर दर्ज कराई थी।

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इसके बाद 29 अप्रैल 2023 को अलीगंज निवासी शिव कुमार ने सुशील पर 15 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगा केस दर्ज कराया था। आरोप था कि सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर ये रकम उनसे ली थी। वापस नहीं की। इसमें भी उसने जो चेक दिए वह बाउंस हो गए थे। पुख्ता सुबूत जुटाने के बाद रविवार को आरोपी जेई को गिरफ्तार कर लिया।
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कॉल रिकॉर्डिंग में जेई के खेल के सुबूत
पुलिस को विवेचना के दौरान कई कॉल रिकॉर्डिंग मिलीं, जिसमें वादी से जेई की बातचीत है। रकम के लेनदेन और ठेका आदि देने भी बातचीत उसमें है। ये बेहद अहम सुबूत है। फोरेंसिक जांच में रिकॉर्डिंग में सुशील की आवाज होने की पुष्टि हुई है।

कई और भी हो सकते हैं ठगी का शिकार
आरोपी लोगों को सरकारी ठेका दिलाने का झांसा देता रहता था। एडवांस में उनसे रकम ले लेता था। अब तक दो मामले सामने आए। सूत्रों के मुताबिक कई और लोगों से भी उसने रकम ले रखी है। चूंकि एक तरह से ठेका लेने के लिए ये रकम रिश्वत के तौर पर दी। इसलिए वह शिकायत करने सामने नहीं आते हैं। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई शिकायत मिलती है तो उसको भी जांच में शामिल किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो अलग से उस पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

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