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Janmashtami 2025: लखनऊ के कृष्ण मंदिरों में भव्यता के साथ मनाई गई जन्माष्टमी, जयकारों से गूंजा माहौल

Sun, 17 Aug 2025 12:34 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

जन्माष्टमी का पर्व राजधानी लखनऊ के कई  मंदिरों में धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों के साथ घरों में कान्हा का जन्मोत्सव मनाया गया। 
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Krishna Janmashtami 2025 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ में जन्माष्टमी का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया गया। शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान कृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना और झांकियां सजाई गईं। भक्तों ने भजन-कीर्तन में भाग लिया और रात 12 बजे भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इसके साथ ही, कई जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ, जिसमें कृष्ण लीलाओं का मंचन किया गया। पुलिस लाइन में भी एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए।

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घरों में भी मनाया गया जन्मोत्सव 
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व, जो कि भगवान कृष्ण के जन्म का प्रतीक है, लखनऊ में बड़े ही उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। मंदिरों से लेकर घरों तक, हर जगह 'जय कन्हैया लाल की' की गूंज सुनाई दी। इस शुभ अवसर पर, महिलाओं ने पूरी श्रद्धा से व्रत रखा। दिनभर घरों में भजन-कीर्तन का सिलसिला चलता रहा, जिसमें भक्तों ने भगवान कृष्ण की महिमा का गुणगान किया। देर रात, भगवान के जन्मोत्सव के बाद, प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे पाकर भक्तों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

राजधानी लखनऊ के डालीगंज स्थित श्रीमाधव मंदिर में श्री कृष्ण प्राकट्योत्सव पर फूलों से भव्य शृंगार किया गया। इस मौके पर 56 प्रकार के भोग लगेंगे। दही हांडी फोड़ने का कार्यक्रम हुआ। श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर भजन संध्या, लॉर्ड कृष्णा संग सेल्फी प्वाइंट तथा आनंद उत्सव पर प्रसाद वितरित किया गया। 
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खाटू श्याम मंदिर में कटा 108 किलो का मिल्ककेक

बीरबल साहनी मार्ग स्थित श्री श्याम मंदिर में श्री कृष्ण प्राकट्योत्सव का आयोजन धूमधाम से मनाया गया। महामंत्री रुपेश अग्रवाल ने बताया कि जन्माष्टमी पर पहली बार मंदिर के पूरे गर्भगृह में शीशा लगाया गया है। ताकि भक्तों को चारों ओर से दर्शन हो सकें। जन्मोत्सव पर 108 किलो का मिल्क केक काटा गया। शृंगार के लिए कलकत्ता से फूल मंगवाए गए हैं। इन फूलों से मनोरम झांकी सजाई जाएगी। इसमें बाल गोपाल श्री कृष्ण पर आधारित अनेक लीलाएं दिखाई जांएगी। 

वहीं कार्यक्रम शाम 7 बजे से प्रारंभ होकर मध्य रात्रि जन्मोत्सव तक चलता रहा।  इसमें एक लाख से अधिक भक्तों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई है।

इस्कॉन मंदिर में हुए ये आयोजन

  • मंगला आरती: प्रातः 4:30 बजे
  • तुलसी आरती: प्रातः 5:15 बजे 
  • गुरु पूजा: प्रातः 7:30 बजे
  • शृंगार आरती प्रातः 9:00 बजे
  • अविरल कीर्तन: प्रातः 9:30 बजे से सायं 6:30 बजे तक
  • संध्या आरती: सायं 7:00 बजे
  • प्रवचन: शाम 8:00 बजे से रात 9:00 बजे तक (वक्ता अपरिमेय श्याम प्रभुजी)
  • महाभिषेक: रात्रि 10:00 बजे से मध्य रात्रि 12:00 बजे तक
  • छप्पन भोग: रात्रि 11:00 बजे से मध्य रात्रि 12:00 बजे तक
  • महाआरती: मध्य रात्रि 12:00 बजे
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  1. जरी मोती मणि माणिक की विशेष पोशाक वृंदावन के विशेष कारीगरों द्वारा निर्मित की गई है। इससे श्री राधा रमण बिहारी जी का शृंगार किया गया।
  2. दोपहर 12:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक अभिषेक (दूध, दही, घी, शहद व 1008 तीर्थों के जल से होगा) एवं महाभिषेक रात्रि 10:00 बजे से मध्य रात्रि 12:00 बजे तक मुख्य पंडाल में हुआ। 
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