गुडंबा। विधि के छात्र वैभव अवस्थी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में जानकीपुरम पुलिस की भूमिका गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि जिस आरोपी पर धारदार हथियारों से हमला करने की रिपोर्ट दर्ज है, वही आरोपी पुलिसकर्मियों के साथ उठता-बैठता नजर आ रहा है। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना देकर जांच दूसरे थाना क्षेत्र में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। पुलिस कमिश्नर ने एसीपी अलीगंज को जांच सौंपी है।
जानकीपुरम विस्तार सेक्टर-सात निवासी वैभव अवस्थी के मुताबिक 22 फरवरी की रात घर जाते समय सेक्टर-छह निवासी अभिषेक सिंह, विनायक विश्वकर्मा, पीके और उनके साथियों ने उन पर जानलेवा हमला किया। गंभीर हालत में उन्हें केजीएमयू में भर्ती कराया गया। घटना के बाद पीड़ित और उसके परिजन लगातार थाने के चक्कर काटते रहे, लेकिन पुलिस ने 12 दिन तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उच्चाधिकारियों के दखल के बाद छह मार्च को हत्या करने का प्रयास व बलवा समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हो सकी।
रील्स बनाता है आरोपी, पुलिस के साथ तस्वीरें
पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि घटना के बाद से दीवान अजीत वर्मा व राहुल तिवारी आरोपी को बचा रहे हैं। घटना के बाद आरोपी अभिषेक दीवान अजीत वर्मा के शादी की सालगिरह में शामिल हुआ। इसमें थाने के अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं। आरोपी चौकी के सामने रील्स बनाता है। ऐसे में उसे न्याय की उम्मीद नहीं है। आरोपियों के डर से वह गांव में रहने को मजबूर है। चौकी प्रभारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।