रायबरेली। बारिश और जलभराव के कारण निरस्त हो रही मुरादाबाद-दिल्ली मंडल से गुजरने वाली ट्रेनें पटरी पर लौट आई हैं, लेकिन उत्तराखंड में समस्या बनी रहने से जनता मेल को अगले तीन दिन के लिए निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही हफ्ते में तीन दिन चलने एक अन्य ट्रेन भी रद्द रहेगी। इससे उत्तराखंड जाने और वहां से लौटने वाले यात्रियों को परेशानी होगी।
बारिश और जलभराव के कारण तीन दिन तक जनता मेल प्रभावित रही, जिसे शुक्रवार को चलाया गया था। बनारस से देहरादून जाने वाली जनता मेल मुरादाबाद से लौट आई। अब इस ट्रेन को 17 जुलाई तक निरस्त कर दिया गया है। यानी कि शनिवार से यह गाड़ी फिर रद्द हो गई। प्रयागराज से ऋषिकेश जाने वाली ट्रेन रविवार को नहीं चलेगी तो ऋषिकेश से आने वाली गाड़ी भी शनिवार को नहीं आई और 18 जुलाई को भी नहीं आएगी। यह गाड़ी हफ्ते में तीन दिन प्रयागराज और ऋषिकेश के बीच फर्राटा भरती है।
पंजाब मेल, ऊंचाहार एक्सप्रेस पांच दिन तक प्रभावित रहने के बाद पटरी पर लौटी। इन ट्रेनों को हर रोज निरस्त किया जाता रहा है। जनता मेल काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन अक्सर इसे रद्द किया जाता है। सर्दियों में कोहरे के कारण तीन महीने रद्द रहती है। इसके अलावा भी निरस्त रहती है। इस तरह यह गाड़ी साल में औसतन सात-आठ महीने चलती है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा ने बताया कि अंबाला, मुरादाबाद, दिल्ली मंडल समेत कई जगह जलभराव के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित है। इसीलिए जनता मेल व ऋषिकेश वाली ट्रेनें निरस्त रहेंगी।
बनारस और नई दिल्ली के बीच फर्राटा भरने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस की रफ्तार बहुत धीमी हो गई है। इसकी लेटलतीफी इस कदर बढ़ गई है कि दूसरे दिन ट्रेन पहुंच रही है। बनारस से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस शुक्रवार शाम की जगह शनिवार को सुबह 5.29 बजे पहुंची। यह ट्रेन साढ़े ग्यारह घंटे लेट रही। नई दिल्ली से बनारस जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस भी शुक्रवार रात की जगह शनिवार को सुबह 5.52 बजे पहुंची। यह ट्रेन सवा सात घंटे देर से पहुंची। अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल ढाई घंटे और दिल्ली से प्रतापगढ़ जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस पौने दो घंटे देर से आई। जिले के ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज से गुजरने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस भी काफी लेट रही। चंडीगढ़ से प्रयागराज जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस पौने पांच घंटे तो प्रयागराज से चंडीगढ़ जाने वाली पौने चार घंटे विलंब से पहुंची।