वाराणसी में यार्ड रिमॉडलिंग के तहत हो रहा नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। वाराणसी में यार्ड रिमॉडलिंग के तहत नॉन-इंटरलॉकिंग का कार्य 1 सितंबर से शुरू हो चुका है, जो 15 अक्तूबर तक चलेगा। इसीलिए बनारस से होकर गुजरने वाली गाड़ियां प्रभावित होने लगी हैं। बनारस के रास्ते रायबरेली से होकर गुजरने वाली जम्मू और मालदा टाउन वाली गाड़ियां 11 सितंबर से 15 अक्तूबर तक निरस्त रहेंगी तो नीलांचल एक्सप्रेस को बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा। जब तक काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक और गाडिय़ां भी प्रभावित हो सकती हैं।
पटना और जम्मू तवी के बीच फर्राटा भरने वाली अर्चना एक्सप्रेस तथा मालदा टाउन और नई दिल्ली के बीच दौड़ने वाली एक्सप्रेस ट्रेन 11 सितंबर से 15 अक्तूबर तक निरस्त रहेगी। दोनों ट्रेनें हफ्ते में दो दिन चलती हैं, जिससे अर्चना एक्सप्रेस दोनों दिशाओं से 11-11 दिन चलेगी तो मालदा टाउन वाली गाड़ी 10-10 दिन नहीं दौड़ेगी। आनंद विहार टर्मिनल और पुरी के बीच फर्राटा भरने वाली नीलांचल एक्सप्रेस को 11 सितंबर से 15 अक्तूबर तक बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा। अप-डाउन दोनों नीलांचल एक्सप्रेस 15-15 दिन रूट डायवर्जन के चलते प्रयागराज-मिर्जापुर के रास्ते चलेंगी। इससे यह गाड़ी भी रायबरेली नहीं आएगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा ने बताया कि वाराणसी में यार्ड रिमॉडलिंग के चलते ट्रेनें प्रभावित रहेंगी।
इनसेट
पौने तीन घंटे देर से आई नीलांचल एक्स.
रायबरेली। पुरी से आनंद विहार टर्मिनल जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस बुधवार को पौने तीन घंटे विलंब से पहुंची, जिससे यात्रियों को उमस भरी गर्मी में परेशान होना पड़ा। लखनऊ-वाराणसी एक्सप्रेस लखनऊ से ही एक घंटे देर से चली, जिससे यह गाड़ी डेढ़ घंटे देर से यहां आई। दिल्ली से प्रतापगढ़ जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, देहरादून से बनारस जाने वाली जनता मेल व सिंगरौली से टनकपुर जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस लगभग सवा घंटे, सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस व अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल एक घंटे देर से आई। मंगलवार देर रात नई दिल्ली से बनारस जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस सवा दो घंटे विलंब से पहुंची। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन का कहना है कि लंबी दूरी की गाड़ियां पिछले स्टेशनों से लेट हो रही हैं। (संवाद)