लखनऊ। हजरत उस्मान गनी (रजि.) की शहादत सब्र, बर्दाश्त और इस्लामी अखलाक की बड़ी मिसाल है। इस्लाम में अच्छे अखलाक की बहुत अहमियत है और कयामत के दिन मोमिन के अच्छे अखलाक ही उसके अमाल में सबसे भारी चीज होंगे। यह बात मस्जिद सुब्हानिया के इमाम कारी मोहम्मद सिद्दीक ने अकबरी गेट स्थित मस्जिद एक मीनार में जलसा यौमे उस्मान गनी के मौके पर रविवार को आयोजित जलसे को खिताब करते हुए कही। इससे पहले जलसे की शुरुआत कारी मोहम्मद अब्दुल्लाह की तिलावत-ए-कुरान से हुई। हाफिज अब्दुल रशीद की सदारत में आयोजित इस जलसे में खलील अख्तर शब्बू, मोहम्मद अर्शी, मोहम्मद कैफ और कारी ताहा ने नात और मनकबत पढ़कर माहौल को रूहानी बना दिया। जलसे के समापन पर कारी सिद्दीक ने मुल्क में अमन, चैन, भाईचारे के साथ सभी की सलामती की दुआ की।