जल निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन करते कर्मचारी।
लखनऊ। बकाया वेतन भुगतान, सातवां वेतनमान लागू कराने और अन्य मांगों को लेकर जल निगम मुख्यालय पर चल रहा जल निगम कर्मचारियों और पेंशनरों का धरना दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। उत्तर प्रदेश जल निगम एकीकृत संघर्ष मोर्चा और उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के बैनर तले पदाधिकारियों और कर्मियों ने अपनी आवाज बुलंद की।
उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के संयोजक वाईएन उपाध्याय ने बताया कि जल निगम को नौ सितंबर 2021 को दो भागों नगरीय और ग्रामीण में बांट दिया गया था। पांच वर्ष बाद भी संपत्तियों और देनदारी का बंटवारा नहीं हो सका। जल निगम नगरीय ने जल निगम ग्रामीण के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर 155 करोड़ 91 लाख रुपये का अपना हिस्सा मांगा है। उधर, एकीकृत मोर्चा के महासचिव इंजीनियर एके सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार वर्ष 2016 में सभी विभागों को सातवां वेतनमान दे चुकी है। हालांकि, जल निगम कर्मियों और पेंशनरों को यह अब तक नहीं मिला है। उप महामंत्री ने बताया कि तीन माह का वेतन व पेंशन बकाया है। उपाध्यक्ष गिरीश कुमार यादव ने बताया कि जल निगम नगरीय की ओर से मृतक आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति कई वर्षों से स्थगित कर रखी गई है।