इंदिरानगर के राजीवनगर निवासी राम प्रकाश साहनी (54) ने फांसी लगाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह उनका शव कमरे में पंखे में रस्सी के फंदे से लटकता मिला। कमरे एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें सीतापुर में तैनात अधिशासी अभियंता कमलेश सिंह पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उनकी वजह से खुदकुशी करने की बात लिखी है। जिसके आधार पर रामप्रकाश की बेटी ने सीतापुर में तैनात अधिशासी अभियंता कमलेश सिंह इंदिरानगर थाने में खुदकुशी के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया है।
राजीव नगर निवासी राम प्रकाश साहनी जलनिगम में तैनात थे। मंगलवार सुबह 9.30 बजे करीब शालिनी साहनी पिता को बुलाने के लिए कमरे की तरफ गई थी। जहां उसे राम प्रकाश रस्सी के सहारे लटकते मिले। पिता की हालत देख शालिनी चीख पड़ी। शोर मचने पर परिवार के बाकी सदस्य भी आ गए। पंखे के हुक में फं सी रस्सी काट कर राम प्रकाश को नीचे उतारा गया। शालिनी किसी तरह से पिता को लेकर राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंची। जहां डॉक्टरों ने राम प्रकाश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सुसाइड नोट में लगाया था कमलेश पर प्रताड़ना का आरोप
प्रभारी निरक्षक अजय प्रकाश त्रिपाठी के मुताबिक सूचना मिलने पर एसआई विशाल यादव को रामप्रकाश के घर भेजा गया। कमरे की पड़ताल के दौरान एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें सीतापुर में तैनात अधिशासी अभियंता कमलेश सिंह पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। बेटी शालिनी के मुताबिक सुसाइड नोट में ऑफिस के काम को लेकर हमेशा तनाव में रहते थे। इसकी चर्चा वह परिवारीजनों से कई बार किया है। सुसाइड नोट के आधार पर शालिनी ने कमलेश सिंह के खिलाफ इंदिरानगर थाने में तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक अजय प्रकाश त्रिपाठी के मुताबिक पीड़ित की तहरीर पर खुदकुशी के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। वहीं सुसाइड नोट को हैंडराइटिंग एक्सपर्ट को जांच के लिए भेज दिया गया है।