पार्षद के भूख हड़ताल पर बैठने के बाद हरकत में आया जल निगम
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राजधानी लखनऊ में विकास कार्य के प्रति अफसर कितने चिंतित हैं, इसकी बानगी नगर निगम में एक बार फिर देखने को मिली। अफसरों को जगाने के लिए मनकामेश्वर वार्ड के पार्षद रंजीत सिंह यादव सोमवार को नगर आयुक्त के कक्ष के बाहर भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा।
महापौर ने पार्षद को जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म कराई और मंगलवार से आईटी से डालीगंज चौराहे तक सीवर बिछाने का काम शुरू कराने की बात कही। इससे करीब 25 हजार की आबादी को फायदा होगा।
काम देरी से शुरू करने पर नाराजगी जताई
पार्षद के भूख हड़ताल पर बैठने की जानकारी के बाद दोपहर करीब दो बजे महापौर सुषमा खर्कवाल नगर निगम पहुंचीं और जल निगम के मुख्य अभियंता शमीम अख्तर व जलकल विभाग के महाप्रबंधक कुलदीप सिंह को बुलाया। यहां उन्होंने सभी से जवाब मांगा और काम देरी से शुरू करने पर नाराजगी जताई।
जल निगम के मुख्य अभियंता ने बताया कि जुलाई में टेंडर फाइनल हुआ है और 29 दिसंबर को यातायात डायवर्जन की अनुमति मिली है। अब मंगलवार से शुरू किया जाएगा। सहायक अभियंता वीएस यादव ने बताया कि पूरा प्रोजेक्ट करीब 124 करोड़ रुपये लागत का है।
यह है मामला
मनकामेश्वर वार्ड के भाजपा पार्षद रंजीत सिंह का कहना है कि डालीगंज कुतुबपुर क्षेत्र में वर्ष 2010 जल निगम ने सीवर लाइन बिछाई थी। इसे ट्रंक सीवर लाइन डालकर जोड़ा जाना था, लेकिन नहीं जोड़ा गया। करीब पांच साल पहले प्रोजेक्ट पास हुआ। कुछ माह पहले विधायक नीरज बोरा ने शुभारंभ किया, लेकिन काम नहीं शुरू हुआ।
सीवर लाइन बिछाने के लिए सहमति भी दी गई थी
इससे वार्ड के ज्यादातर इलाकों में नालियों में गंदगी बह रही है। नगर निगम कार्यकारिणी में जल निगम की ओर से सीवर लाइन बिछाने के लिए सहमति भी दी गई थी, लेकिन काम शुरू नहीं कराया गया। भूख हड़ताल मे उनके साथ पार्षद मुकेश सिंह मोंटी, शैलेंद्र वर्मा, राजेश सिंह गब्बर, अमित चौधरी, प्रमोद सिंह राजन, पार्षद प्रतिनिधि हरीश अवस्थी आदि धरने में शामिल रहे।