ऑनलाइन पैसे भेजिए तब मिलेगी नौकरी
अंबेडकरनगर के रहने वाले 33 वर्षीय मंगल देव शनिवार को रोजगार मेले में पहुंचे। उनके पास एमकॉम की डिग्री व कंप्यूटर डिप्लोमा था। मंगल देव ने बताया कि रोजगार मेले में जिस कंपनी में नौकरी देने को बोला गया था, वह कंपनी ही नहीं आई। एक कैंप में सीवी जमा करने गए तो पंजीकरण के नाम पर 500 रुपये मांगे गए। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी एक निजी कंपनी में नौकरी के लेने के लिए सीवी जमा किया था। कुछ दिन बाद फोन कर नौकरी के नाम पर ऑनलाइन पैसे मांगे गए थे।
केस-2
पंजीकरण के नाम पर 350 से 500 रुपये की डिमांड
मऊ जिले के रहने वाले 28 वर्षीय अमरेश कुमार के पास आईटीआई, डिप्लोमा व स्नातक की डिग्री थी। सीवी व दस्तावेज के साथ शनिवार को रोजगार मेले में शामिल हुए। अमरेश ने बताया कि एक कैंप में रोजगार के लिए सीवी जमा करने गए तो वहां पंजीकरण के नाम पर 350 से 500 रुपये मांगे गए। जबकि बताया गया था कि रोजगार मेले में निशुल्क प्रतिभाग कर सकेंगे।
केस-3
20 हजार बोलकर 10 हजार रुपये वेतन का ऑफर
मऊ जिले के 32 वर्षीय अमित कुमार बादल शनिवार को रोजगार मेले में शामिल हुए। नौकरी के लिए उनके पास इंटरमीडिएट व कम्प्यूटर डिप्लोमा का सर्टीफिकेट है। अमित ने बताया कि रोजगार मेले में शामिल होने से पहले मुझे बताया गया कि 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन व अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। लेकिन यहां आने के बाद बताया गया कि 10 से 12 हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। उसके लिए भी फोन पर जानकारी देने को कहा गया।
केस-4
यहां तो 34 साल वालों का भी सीवी नहीं ले रहे
बलिया जिले के रहने वाले 34 वर्षीय उमेश कुमार के पास आईटीआई संग स्नातक की डिग्री है। शनिवार को सीवी व दस्तावेज के साथ रोजगार मेले में पहुंचे। उमेश ने बताया कि गेट पर लगे चार्ट में 40 साल वालों को नौकरी देने की बात लिखी गई है। लेकिन 34 साल में ओवरएज बताकर मुझे बाहर कर दिया गया। यहां तीन महीने से लगातार आ रहा हूं, लेकिन हर बार निराशा हाथ लगती है।
-
लखनऊ। अलीगंज स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में शनिवार को निशुल्क रोजगार मेला आयोजित किया गया था। लेकिन, यहां कई निजी कंपनियों ने रोजगार देने के नाम पंजीकरण शुल्क की मांग की। मऊ, बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़ व अंबेडकरनगर सहित अन्य जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने इस बात की जानकारी दी।
आईटीआई, इंजीनियरिंग डिप्लोमा, इंटरमीडिएट व स्नातक डिग्री धारक युवाओं को नौकरी देने के लिए रोजगार मेले का आयोजन किया जाता है। आयोजकों का दावा है कि यहां आने वाले ज्यादातर युवाओं को नौकरी मिल जाती है, जो अभ्यर्थी रोजगार से वंचित रह जाते है, उन्हें अगली बार मौका दिया जाता है। वहीं, प्रतिभागी युवाओं का आरोप है कि रोजगार के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जाता है। 40 साल की अवधि बताकर महज 30 से 35 साल तक के युवाओं को ओवरएज बता दिया जाता है। सीवी जमा कर फोन पर जानकारी देने की बात की जाती है। कई बार ऐसा भी हुआ, नौकरी देने के नाम पर पैसे मांगे गए और बाद में फोन भी स्विचऑफ कर लिया गया।
कोट-
शिकायत के बाद कई निजी कंपनियों पर लगाई थी रोक
इसे पहले हुए रोजगार मेले मे पंजीकरण व अन्य तरह से पैसे मांगने की शिकायत मिली थी। जांच के बाद तीन से अधिक निजी कंपनियों को रोजगार मेले में शामिल होने पर रोक लगा दी गई थी। शनिवार को आयोजित मेले में इस तरह की शिकायत नहीं मिली है। यदि अभ्यर्थियों का आरोप है तो उसकी जांच की जाएगी।
- राजकुमार, प्रधानाचार्य, राजकीय आईटीआई अलीगंज
65 अभ्यर्थियों को जॉब के लिए ऑफर
अलीगंज स्थित आईटीआई संस्थान में शनिवार को आयोजित रोजगार मेले में 65 अभ्यर्थियों को जॉब के लिए ऑफर दिया गया। प्लेसमेंट अधिकारी एमए खां ने बताया कि मेले में नौ निजी कंपनियों ने विभिन्न पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया। चयनित अभ्यर्थियों को पद के आधार पर 7700 से 35 हजार रुपये प्रति माह वेतन व अन्य सुविधाएं देने के लिए जॉब ऑफर दिया गया है।