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पहले दिन नहीं शुरु हुई आईटीआई की काउंसलिंग

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पहले दिन नहीं शुरू हुई आईटीआई की काउंसिलिंग
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- कॉलेजों को नहीं थी काउंसिलिंग कराने की जिम्मेदारी
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। आईटीआई में दाखिले के लिए प्रथम चरण की काउंसिलिंग मंगलवार से शुरू नहीं हो पाई। दरअसल, सरकारी आईटीआई कॉलेजों को बुधवार से काउंसिलिंग प्रारंभ कराने की सूचना थी जिसकी वजह से उन्होंने मंगलवार के लिए कोई तैयारी नहीं की थी। पहले दिन इक्का-दुक्का छात्र आए भी तो उनको वापस कर दिया गया। कॉलेजों ने बताया कि बुधवार से काउंसिलिंग के लिए हेल्प डेस्क स्थापित कर दी जाएगी।
राज्य व्यवसायिक प्रशिक्षण परिषद ने आईटीआई संस्थानों में दाखिले के लिए सोमवार को प्रथम चरण की काउंसिलिंग की मेरिट सूची जारी कर दी। इसके तहत 2,38,925 छात्रों को पहले चरण में दाखिला देना है। काउंसिलिंग प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होनी थी, जो 5 अक्तूबर तक चलनी थी। आपसी सामंजस्य ना होने की वजह से मंगलवार से काउंसिलिंग शुरू नहीं हो पाई। सरकारी आईटीआई संस्थानों को ऐसी जानकारी थी कि काउंसिलिंग बुधवार से शुरू होगी। इसी वजह से उन्होंने मंगलवार से काउंसिलिंग शुरू कराने की किसी प्रकार की तैयारी नहीं की थी। काउंसिलिंग में प्रदेश के विभिन्न जिलों के छात्र दाखिला लेने आते हैं। कोरोना में भी ऑफलाइन काउंसिलिंग कराई जा रही है। छात्रों को अलॉट संस्थान में जाकर अपना प्रमाण पत्र सत्यापित करा कर दाखिला लेना है। मंगलवार को काउंसिलिंग के पहले दिन इक्का-दुक्का छात्र ही काउंसिलिंग कराने पहुंचे, लेकिन सरकारी आईटीआई संस्थानों में हेल्प डेस्क नहीं होने की वजह से उनको वापस कर दिया गया। छात्रों ने बताया कि कॉलेजों में काउंसिलिंग कराने का कोई इंतजाम नहीं था जबकि सरकारी कॉलेजों के कर्मचारियों ने बताया कि काउंसिलिंग बुधवार से शुरू होगी। वहीं, इस संबंध में जेडी एससी तिवारी ने बताया कि यदि छात्रों को बिना काउंसिलिंग कराए वापस लौटाया गया है तो शिकायत मिलने पर संस्थान को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने बताया कि काउंसिलिंग के संबंध में बुलावा पत्र से लेकर सारी जानकारियां वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई हैं।
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हेल्पलाइन सेवा से भी नहीं मिली राहत
परिषद ने छात्रों की सहायता के लिए हेल्पलाइन सेवा जारी की है। छात्रों ने बताया कि उनको हेल्पलाइन सेवा से भी किसी प्रकार की जानकारी नहीं मिली। परिषद ने यूट्यूब और फेसबुक पर हेल्पलाइन आईडी जारी करने की बात कही है जबकि सोशल मीडिया पर ऐसी कोई आईडी ही नहीं है। इसके अलावा हेल्पलाइन फोन नंबर पर भी कॉल करने पर किसी से संपर्क नहीं हो पाया।
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