राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की अध्यक्षता में गुरुवार को सर्किट हाउस में करीब चार घंटे तक चली बैठक में राममंदिर निर्माण की प्रगति, आगे की कार्ययोजना, अयोध्या के समेकित विकास व परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गहन मंथन किया गया। बैठक में राममंदिर की नींव की ड्राइंग पर मुहर लग गई, जबकि इंजीनियरों ने फाइनल डिजाइन अभी प्रस्तुत नहीं की है। फाइनल डिजाइन में अभी एक सप्ताह से अधिक का समय लग सकता है। नींव के मैटेरियल के बारे में इंजीनियरिंग संस्थाएं विमर्श व शोध कर रही हैं, 15 दिन में इसकी रिपोर्ट आ सकती है।
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि राममंदिर की नींव खोदाई में 65 से 70 दिन लग जाएंगे। उन्होंने बताया कि एलएंडटी व टीसी ने जो रिपोर्ट दी है उसके आधार पर नींव खोदाई का कार्य औपचारिक रूप से गुरुवार को रामलला के गर्भगृह पर पूजन के साथ कर दिया गया है। खोदाई के लिए तीन जेसीबी लगाई गईं हैं। मलबा व मिट्टी उठाने के लिए आठ ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाई गईं हैं।
अब नींव की भराई के लिए कौन-कौन से मैटेरियल लगेंगे, इस पर उनका अनुसंधान चल रहा है। एक सप्ताह बाद वे नींव की फाइनल डिजाइन प्रस्तुत कर देंगे। उन्होंने बताया कि एलएंडटी ने नींव की खोदाई के लिए 60 से 70 दिन का समय लिया है। इस बीच एलएंडटी राममंदिर की नींव में लगने वाले पत्थर की क्वालिटी टेस्टिंग, खरीददारी आदि कार्य ट्रस्ट के इंजीनियरों के साथ मिलकर करेगी। उन्होंने कहा कि पहले नींव का खोदाई कार्य होगा उसके बाद परकोटे का निर्माण किया जाएगा।
एलएंडटी व टीसी के इंजीनियर आज देंगे प्रजेंटेशन
राममंदिर निर्माण समिति की बैठक शुक्रवार को भी सर्किट हाउस में ही होगी। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि दूसरे दिन की बैठक में तकनीकी विशेषज्ञ राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के समक्ष अब तक हुए कार्य का विवरण प्रस्तुत करेंगे। साथ ही आगे के तीन माह के मास्टर प्लान पर चर्चा होगी। तय प्लान के अनुसार आगे काम बढ़ेगा।
अयोध्या के चहुंमुखी विकास के काम तय समय में करें पूरा : मुख्य सचिव
अयोध्या के चहुंमुखी विकास के लिए सरकार ने समयबद्ध काम की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने मंडलायुक्त अयोध्या को परियोजनाओं की लंबित डीपीआर एक सप्ताह में भेजवाने का निर्देश दिया है। राम जन्म भूमि से जुड़े मार्गों के चौड़ीकरण का काम प्राथमिकता पर होगा। उन्होंने प्रशासकीय विभाग के अधिकारियों को अयोध्या से जुड़े कार्यों की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव बृहस्पतिवार को लोक भवन स्थित अपने सभाकक्ष से अयोध्या से निर्माणाधीन व प्रस्तावित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अयोध्या में कराये जाने वाले विकास कार्यों की स्वीकृतियां जारी करने में देरी न किए जाने तथा परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। हनुमानगढ़ी, दशरथमहल, कनक भवन व अन्य प्रमुख मंदिरों में फ साड लाइटिंग से संबंधित शासनादेश 15 फ रवरी तक जारी करने की जानकारी दी गई।
इस तरह काम को मिलेगी रफ्तार
- अयोध्या में निर्माणाधीन बस स्टैंड का संचालन 1 मार्च से शुरू हो जाएगा।
- पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के चैड़ीकरण व सुविधाओं के विस्तार संबंधी एस्टीमेट 31 जनवरी तक भेजा जाएगा।
- अयोध्या-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से एयरपोर्ट तक फ ोर लेन सड़क के नव निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही चल रही है। पीडब्ल्यूडी को जल्द से जल्द डीपीआर तैयार कर भेजने को कहा गया है।
- रानोपाली रेलवे क्रासिंग से विद्याकुंड मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का एस्टीमेट मिल गया है। इसका परीक्षण हो रहा है।
- सहादतगंज नयाघाट मार्ग के चैड़ीकरण का डीपीआर तैयार है। दो दिन में मुख्यालय भेजा जाएगा।
दूसरे चरण में राम जन्मभूमि तक फोन लेन का काम
द्वितीय चरण में राम जन्मभूमि मार्ग को फोरलेन में विस्तार दिया जाएगा। मुख्य सचिव ने एनएच-27 बाईपास से निकलकर महोबरा बाजार होते हुए टेढ़ी बाजार राम जन्मभूमि तक फ ोर लेन का निर्माण तथा समपार संख्या-111 पर आरओबी के निर्माण के लिए सड़क व आरओबी के लिए अलग-अलग प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
तीसरे चरण में भी कई बड़े काम, तेजी से कार्यवाही जारी
तीसरे चरण में स्वीकृति के लिए लंबित परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। लखनऊ-गोरखपुर राजमार्ग पर ग्राम शहनवाजपुर व आसपास के गांवों के लगभग 600 एकड़ टाउनशिप के लिए नोटिफि केशन प्रकाशित हो चुका है। किसानों से आपत्ति प्राप्त कर निस्तारण की प्रक्रिया जारी है। अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भूमि खरीदने व अधिग्रहण की कार्यवाही चल रही है। 640 करोड़ रुपये में से 525 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। नगर निगम अयोध्या के पुराने क्षेत्र के नालों के आईएंडडी व एसटीपी निर्माण के लिए डीपीआर जल निगम बना रहा है।