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पूर्वजों की विरासत को आगे बढ़ाना हमारा धर्म : मुख्यमंत्री योगी

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इंजीनियरिंग कॉलेज (आईईटी) के रामप्रसाद बिस्मिल प्रेक्षागृह में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में
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लखनऊ। पूर्व विधायक स्वर्गीय डीपी बोरा की 85वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महापुरुषों और अपने पूर्वजों के अच्छे कार्यों की विरासत को आगे बढ़ाना भी हम सबका धर्म है। स्व. डीपी बोरा ने लखनऊ के वंचितों, पिछड़ों और दलितों की भलाई के लिए जो काम किए, उसे उनके पुत्र विधायक नीरज बोरा आगे बढ़ा रहे हैं। कहा, उनके संघर्षशील जीवन की कहानियां आज भी लखनऊ के पुराने लोगों की जुबान पर हैं।
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इंजीनियरिंग कॉलेज (आईईटी) के रामप्रसाद बिस्मिल प्रेक्षागृह में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वर्गीय डीपी बोरा की मूर्ति का वर्चुअल अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने 15 नए सेवा केंद्रों का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने दुनिया का ऐसा पहला महाकाव्य लिखा जो तब की व्यावहारिक भाषा संस्कृत में लिखा गया था। उन्होंने भगवान राम को जन-जन तक पहुंचाया। महर्षि वाल्मीकि के अनुसार, धर्म का दूसरा रूप राम हैं। सीएम योगी ने कहा कि मीराबाई, मेवाड़ की रानी थीं लेकिन उन्होंने संत रविदास को अपना गुरु बनाया और कृष्ण की भक्ति ने ही उन्हें इतिहास में अमर बना दिया।

इस दौरान सीएम ने पूर्व डीजीपी व राज्यसभा सदस्य ब्रजलाल की ओर इशारा करते हुए कहा कि 30-40 साल पहले लखनऊ की छवि कैसी थी, अगर यह जानना है तो ब्रजलाल जी से पूछिए। कहा, आज हम उत्तर प्रदेश को विकास के मार्ग पर तेजी से बढ़ता हुआ देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि वनस्पतियों के संरक्षण का काम चल रहा है, एक दिन रामायण काल फिर से लौटकर आएगा।
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राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और विधायक नीरज बोरा ने भी स्व. डीपी बोरा के विषय मेंं संस्मरण साझा किए। इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सदस्य ब्रजलाल, विधायक ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ल, जय देवी, एमएलसी मुकेश शर्मा, पवन सिंह चौहान, अवनीश सिंह, रामचंद्र सिंह प्रधान, उमेश द्विवेदी और आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

कवि की लेखनी सत्ता की मोहताज नहीं होती

हास्य-व्यंग्य कवि स्माइलमैन सर्वेश अस्थाना ने आयोजन में काव्यपाठ किया। उन्होंने दो रचनाएं सुनाईं जिनमें से एक हास्य कविता थी जिसे सुनकर मुख्यमंत्री समेत सभी ने खूब ठहाके लगाए। दूसरी कविता भगवान राम पर सुनाई जिसकी अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने खूब सराहना भी की। कहा कि कवि की लेखनी सत्ता की मोहताज नहीं होती। कवि अपनी लेखनी से समाज की गंभीर समस्याओं को उठाते हैं।

उत्कृष्ट योगदान के लिए पांच महिला विभूतियां सम्मानित
अपने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राजधानी की पांच महिला विभूतियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया। इनमें साहित्यकार पद्मश्री डॉ. विद्या विंदु सिंह, चिकित्सक डॉ. चंद्रावती, संगीतज्ञ सुनीता झिंगरन, लविवि की प्रोफेसर प्रो. शीला मिश्रा और दृष्टिहीन बच्चों के लिए काम करने वाली शालू सिंह शामिल रहीं।

इंजीनियरिंग कॉलेज (आईईटी) के रामप्रसाद बिस्मिल प्रेक्षागृह में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में

इंजीनियरिंग कॉलेज (आईईटी) के रामप्रसाद बिस्मिल प्रेक्षागृह में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में

इंजीनियरिंग कॉलेज (आईईटी) के रामप्रसाद बिस्मिल प्रेक्षागृह में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में

इंजीनियरिंग कॉलेज (आईईटी) के रामप्रसाद बिस्मिल प्रेक्षागृह में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में

इंजीनियरिंग कॉलेज (आईईटी) के रामप्रसाद बिस्मिल प्रेक्षागृह में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में

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