लखनऊ। बंगलूरू की प्रतिष्ठित आईटी कंपनी की महिला कर्मचारी की बृहस्पतिवार रात चिनहट स्थित ससुराल में संदिग्ध हालात में जलकर मौत हो गई। मृतका के पिता ने दामाद व ननद पर दहेज के लिए बेटी को जिंदा जलाकर मारने का आरोप लगाया है। उन्होंने चिनहट थाने में दोनों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कराया है। पुलिस आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
विभवखंड निवासी जगवीर सिंह के मुताबिक उनकी बेटी मधुरिमा सिंह बंगलूरू की प्रतिष्ठित आईटी कंपनी के साॅफ्टवेयर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट में कार्यरत थीं। वह वर्क फ्रॉम होम कर रही थीं। मधुरिमा की शादी चिनहट की नंदी विहार कॉलोनी निवासी जयदेव सिंह से 25 जुलाई 2017 को हुई थी। जगवीर के मुताबिक बृहस्पतिवार रात दामाद जयदेव ने उनको फोन कर बताया कि घर में आग लग गई है। जगवीर सिंह जब वहां पहुंचे तो पता चला कि बेटी मधुरिमा की जलकर मौत हो गई है। जबकि घर का सारा सामान सुरक्षित था। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। चिनहट पुलिस ने छानबीन के बाद मधुरिमा का शव पोस्टमार्टम के भेज दिया।
जगवीर ने दामाद जयदेव व उसकी बहन मिक्की पर दहेज के लिए मधुरिमा को जिंदा जलाने का आरोप लगाते हुए चिनहट थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने जयदेव को हिरासत में ले लिया। चिनहट इंस्पेक्टर अवनीश कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी पति ने बताया कि बृहस्पतिवार रात जब वह काम से लौटा तो पत्नी मधुरिमा झुलसी हालत में मृत मिली थीं।
जगवीर के मुताबिक बेटी की शादी में उन्होंने अपनी हैसियत के मुताबिक दान-दहेज दिया था। इसके बावजूद पति व ननद दहेज में इनोवा गाड़ी की मांग को लेकर मधुरिमा को प्रताड़ित करते थे। कुछ वक्त पहले उन्होंने मकान के लिए दामाद जयदेव को रकम दी थी।