मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व प्रियंका वाड्रा
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अमेठी और रायबरेली संसदीय क्षेत्र की 10 सीटों को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच बात नहीं बन पा रही है। सपा किसी भी सूरत में अपनी मौजूदा सीटें छोड़ने को तैयार नहीं है जबकि कांग्रेस दोनों संसदीय क्षेत्रों की सभी 10 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने पर अड़ी हुई है। मामला सुलझाने के लिए कांग्रेस ने एक बार फिर प्रियंका वाड्रा को आगे किया है।
प्रियंका ने अपने संदेशवाहक के जरिये सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से संपर्क साधा है और वादे के मुताबिक उनसे दोनों जिलों की सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ने को कहा है। कांग्रेस का तर्क है कि समझौते की वजह से ही उसने आजमगढ़, एटा समेत कई अन्य सीटों पर अपना दावा नहीं किया है।
राहुल गांधी 29 जनवरी को लखनऊ आ रहे हैं। वह अखिलेश के साथ साझी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चुनाव अभियान का एलान करेंगे। कांग्रेस चाहती है कि राहुल के लखनऊ जाने से पहले सीटों को लेकर फंसा पेच सुलझ जाए।
इसी के चलते कांग्रेस आलाकमान का इशारा मिलने के बाद शुक्रवार को प्रियंका वाड्रा एक बार फिर सक्रिय हुईं और अपने दूत के जरिये अखिलेश को रायबरेली और अमेठी की सीटें छोड़ने के लिए संदेश भेजा है।
...तो फिर नहीं रह जाएगा गठबंधन का मतलब
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का तो यहां तक कहना है कि सपा से गठबंधन की बुनियाद ही रायबरेली और अमेठी की सीटें हैं। अगर ये सीटें नहीं मिलती हैं तो फिर गठबंधन का मतलब ही नहीं रह जाएगा।
कांग्रेस दोनों संसदीय क्षेत्रों की सभी 10 सीटों पर चुनाव लड़ने के फैसले पर कायम है। सूत्रों का कहना है शीर्ष स्तर पर बातचीत चल रही है और उम्मीद है कि कोई न कोई रास्ता निकल आएगा।
इस मुद्दे पर पूछे जाने पर कांग्रेस के नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि अभी तो शुरुआत हुई है। यूपी में मार्च तक चुनाव होने हैं। कहां-कहां हमारे उम्मीदवार होंगे, जल्द पता चल जाएगा।
यह पूछे जाने पर कि प्रियंका अमेठी और रायबरेली में ही प्रचार करेंगी तो अपने उम्मीदवारों के लिए करेंगी या फिर सपा के लिए भी? सिब्बल ने कहा, जिन्होंने वहां अपने उम्मीदवार उतारे हैं, देखेंगे कहां किसके लिए प्रचार करेंगी।
सिटिंग एमएलए की दुहाई देने से फंसा पेंच
दरअसल, कांग्रेस मानकर चल रही थी कि गठबंधन होने पर अमेठी और रायबरेली की सीटों पर सपा अपना दावा नहीं करेगी लेकिन सिटिंग सीट की दुहाई देते हुए उसने पेच फंसा दिया है।
इन सीटों से कांग्रेस के संभावित दावेदार दिल्ली में डेरा डाले हैं और आलाकमान पर इन सीटों को लेकर कोई समझौता न करने का दबाव बनाए हुए हैं।
चूंकि सीटों पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है और सपा के उम्मीदवार चुनाव अभियान में जुटे हैं, लिहाजा कांग्रेस के लिए मुसीबत बढ़ गई है। कांग्रेस आलाकमान पर स्थानीय नेताओं का भी दबाव है कि सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार हों।
तीन सीटों पर सपा ने घोषित किए उम्मीदवार
कांग्रेस अमेठी व रायबरेली की जिन 10 सीटों पर अपना दावा कर रही है, उनमें से तीन सीटों पर सपा ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं।
सपा ने अमेठी से मंत्री गायत्री प्रजापति, ऊंचाहार से मंत्री मनोज कुमार पांडेय तथा गौरीगंज से राकेश प्रताप सिंह को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। अब ये सीटें कांग्रेस को देने पर सपा को भी अपनी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।
वहीं, कांग्रेस की ओर से अमेठी से अमिता सिंह चुनाव लड़ने पर अड़ी हैं जबकि बाकी सीटों पर भी राहुल व सोनिया अपने भरोसेमंद लोगों को चुनाव लड़ाने के इच्छुक हैं।