सविता पांडेय, कपूरथला
हम हर बात का ठीकरा आखिर सरकार और प्रशासन पर क्यों फोड़ते हैं? अब पार्किंग की समस्या ही ले लीजिए।
अक्सर देखने को मिलता है कि लोग नो पार्किंग जोन में अपनी गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, और जब पुलिस अपना काम करती है, तो उसे बदले में धमकियां सुनने को मिलती हैं।
यही नहीं गलत तरह से खड़ी गाड़ी कई बार आने-जाने वालों के लिए भी सिर दर्द बन जाती है। ऐसा नजारा कपूरथला मार्केट पर आए दिन देखने को मिलता है।
आखिर एक नागरिक होने के नाते अपनी भी तो कुछ जिम्मेदारियां हैं। क्या एक सभ्य समाज की यही पहचान है?
हमें सोचना होगा कि एक बेहतर समाज बनाने में क्या हम वाकई कोई योगदान दे रहे हैं?