ईद के मद्देनजर खाड़ी देशों से मिलने वाले ऑर्डर प्रभावित होने से लखनऊ के चिकनकारी उद्योग को बड़ा झटका लगा है। लखनऊ चिकनकारी हैंडीक्राफ्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल के मुताबिक करीब 15 करोड़ रुपये के ऑर्डर फिलहाल होल्ड पर चले गए हैं, जबकि कई संभावित ऑर्डर रद्द हो गए। इससे लगभग 50 करोड़ रुपये के निर्यात कारोबार पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि कुल निर्यात का करीब 25 फीसदी हिस्सा खाड़ी देशों को जाता है, जबकि शेष 75 फीसदी यूरोप और अमेरिका के बाजारों में भेजा जाता है।
सेला चावल का निर्यात भी प्रभावित
पांडेयगंज के गल्ला कारोबारी राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि सेला चावल का बड़ा हिस्सा ईरान को निर्यात होता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में निर्यात रुक गया है। इसका असर कीमतों पर भी पड़ा है। पहले 7000 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाला सेला चावल अब करीब 6000 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है। ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने सरकार से बंदरगाहों पर पड़े माल की पेनाल्टी में राहत देने और फंसे भुगतान को बैंकों के माध्यम से जारी कराने की मांग की है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद भारतीय पेट्रोलियम कंपनियों ने फिलहाल दाम न बढ़ाने की बात कही है, लेकिन बाजार में आशंका बनी हुई है। ट्रांसपोर्टर राज नारायण ने बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत बढ़ने पर परिवहन भाड़ा भी बढ़ता है। हालांकि कंपनियों से अनुबंध होने के कारण 31 मार्च तक भाड़ा नहीं बढ़ाया जाएगा, ताकि व्यापार पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।