आईएसओ प्रमाणित चारबाग स्टेशन परफार्मेंस में फिसड्डी, 68 स्टेशनों की रैंकिंग में अंतिम पायदान पर पहुंचा
आईएसओ प्रमाणित चारबाग रेलवे स्टेशन परफॉर्मेंस में फिसड्डी साबित हुआ है। की परफॉर्मेंस इंडेक्स (केपीआई) की हालिया रिपोर्ट में कुल 68 स्टेशनों की रैंकिंग में अंतिम पायदान पर है।
जबकि लखनऊ जंक्शन को 47वां स्थान मिला है। सुरक्षा, ट्रेनों की टाइमिंग, सिग्नल, लोको, ट्रैक आदि श्रेणियों में स्कोरिंग की गई है।
चारबाग रेलवे स्टेशन उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का एवन श्रेणी का स्टेशन है। जहां रोजाना 280 से अधिक ट्रेनों से सवा लाख से ज्यादा यात्रियों का आना-जाना होता है।
हाल ही चारबाग स्टेशन को सफाई, पंक्चुएलिटी (ट्रेनों की टाइमिंग), बेहतर मैनेजमेंट को लेकर आईएसओ प्रमाणपत्र मिला है, लेकिन केपीआई की अगस्त की रिपोर्ट आईएसओ प्रमाणित स्टेशन की पोल खोलती नजर आ रही है।
कुल 68 रेलवे स्टेशनों पर सेफ्टी वर्क, पंक्चुएलिटी, बिजनेस एंड फाइनेंशियल परफॉर्मेंस (राजस्व प्राप्ति), क्षमताओं का उपयोग व उपकरणों की विश्वसनीयता की श्रेणी में रिपोर्ट तैयार की गई है।
इसमें उत्तर रेलवे का एक भी स्टेशन टॉप टेन में शामिल नहीं है। हद तो यह है कि चारबाग रेलवे स्टेशन अंतिम स्थान पर है। इसे 68वां नंबर मिला है।
चारबाग रेलवे स्टेशन को 61 में कुल 30.2 अंक मिले हैं। इसमें सेफ्टी वर्क व बिजनेस व फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में शून्य अंक मिले हैं।
ऐसे ही क्षमताओं के उपयोग में 16 में 12 अंक, जबकि सिग्नल, ज्वाइंट, लोको, बोगियों आदि में 15 में 9.2 अंक मिले हैं।
हालांकि, यहां पंक्चुएलिटी में 10 में नौ अंक हासिल हुए हैं। वहीं पूर्वोत्तर रेलवे का लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन 47वें नंबर पर रहा।
इसे कुल 61.7 अंक मिले और विभिन्न श्रेणियों में क्रमश: आठ नंबर, 18.2 नंबर, 13.7 और साढ़े सात नंबर मिले हैं।
वाराणसी से भी मिली मायूसी
उत्तर रेलवे के दूसरे एवन श्रेणी के स्टेशन वाराणसी से भी प्रशासन को मायूसी मिली है। यह अंतिम से दूसरे स्थान पर यानी 67वें नंबर पर आया है। इसका कुल स्कोर 51.7 अक मिले हैं। सेफ्टी वर्क्स में 15 में 5.4 अंक, बिजनेस व फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में 20 में 15.2 नंबर, क्षमता उपयोग में 15.4, असेट रिलाएबिलिटी में 8.2 अंक और पंक्चुएलिटी में 7.5 अंक मिले हैं।